बांदा : ट्रिपल टी की राह में वैक्सीन का रोड़ा, कैसे बेहतर होगा रक्षा कवच

इस समय जिले में कुल 13 हजार कोविशील्ड व साढ़े चार हजार डोज को वैक्सीन की उपलब्धता है। लक्ष्य के अनुरूप यदि इस वैक्सीन को खर्च किया जाएगा तो यह दो से ढाई दिन में खर्च हो जाएगी। यही वजह है कि वैक्सीनेशन जिले में गति नहीं पकड़ रहा है

Akash DwivediWed, 21 Jul 2021 05:10 PM (IST)
वैक्सीन कम मिलने से लक्ष्य के अनुरूप करीब 55 प्रतिशत ही टीकाकरण हो रहा

बांदा, जेएनएन। जनपद में ट्रिपल टी की राह में वैक्सीन की कमी रोड़ा अटका रही है। कुल ढाई दिन के लिए वैक्सीन बची है। वैक्सीन कम मिलने से लक्ष्य के अनुरूप करीब 55 प्रतिशत ही टीकाकरण हो रहा है। इससे रक्षा कवच पूरी तरह मजबूत नहीं हो पा रहा है।

शासन की ओर से कोरोना से जंग जीतने के लिए एग्रेसिव टेस्टिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट और वैक्सीनेशन ट्रिपल टी की रणनीति अपनाने के निर्देश हैं। इसमें हर जनपद को टीकाकरण के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बांदा जिले में रोजाना आठ हजार वैक्सीनेशन के लक्ष्य पर कुल करीब साढ़े चार हजार से पांच हजार के बीच ही लोगों को टीके लग रहा हैं। जो कि लक्ष्य से काफी कम है। इसमें ऐसा नहीं है कि कोई अधिकारी व कर्मचारी लापरवाही कर रहे हैं। लेकिन शतप्रतिशत टीकाकरण न हो पाने में जो कारण सामने आ रहे हैं, उसमें वैक्सीन समय पर भरपूर उपलब्ध न होना शामिल है। इस समय जिले में कुल 13 हजार कोविशील्ड व साढ़े चार हजार डोज को वैक्सीन की उपलब्धता है। लक्ष्य के अनुरूप यदि इस वैक्सीन को खर्च किया जाएगा तो यह दो से ढाई दिन में खर्च हो जाएगी। यही वजह है कि वैक्सीनेशन जिले में गति नहीं पकड़ रहा है। जबकि वैक्सीन लगवाने को लेकर शहर से लेकर गांवों तक अब जागरूकता बढ़ी है।

यही वजह है कि ज्यादातर केंद्रों में टीका लगवाने के लिए लोगों की भीड़ लग रही है। जिले में टीकाकरण के लिए 24 केंद्र बने हैं। इसमें आठ केंद्र शहर के शामिल हैं। इसके अलावा आठो ब्लाकों के अस्पताल की एक-एक टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर ग्राम प्रधानों व निगरानी समिति की मदद से टीकाकरण कर रही हैं। वैक्सीन पर्याप्त मिले तो टीकाकरण केंद्र और भी बढ़ाए जा सकते हैं। जिसका लाभ सभी को मिल सकेगा।

जनपद में बचा कुल 0.05 फीसद संक्रमण :  कांटेक्ट टेस्टिंग व जांच के लिए जनपद में भरपूर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए आठों ब्लाकों में चार - चार मोबाइल टीमें सक्रिय की गई हैं। जो संक्रमितों का पता लगाने के साथ जांच की प्रक्रकिया पूरी करती हैं। जबकि जांच के लिए अलग से 13 अन्य केंद्र भी निर्धारित हैं। यही वजह है कि जनपद में संक्रमण कुल 0.05 फीसद घटकर बचा है। मसलन चार-पांच दिन में एक या दो संमक्रमित ही मिले रहे हैं।

इनका ये है कहना

टीकाकरण ज्यादा से ज्यादा कराने का प्रयास किया जा रहा है। सभी निर्धारित केंद्रों व गांवों में टीमें भेजकर कोरोना के टीके लगवाए जा रहे हैं। - डा. विजय कुमार तिवारी सीएमओ

 

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.