बूथ, सदस्यता और मतदाता जोड़ो अभियान पर ही भाजपा का फोकस, कानपुर में गूंज रहे यही तीन बिंदु

विधानसभा चुनाव अब चंद माह दूर हैं जल्द ही अधिसूचना भी लग जाएगी। ऐसे मौके पर जब दूसरे दल अभी अपनी तैयारियों को भी ठीक से शुरू नहीं कर पाए हैं भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव संचालन समितियां तक बना चुकी हैं।

Shaswat GuptaPublish:Sun, 21 Nov 2021 03:36 PM (IST) Updated:Sun, 21 Nov 2021 05:39 PM (IST)
बूथ, सदस्यता और मतदाता जोड़ो अभियान पर ही भाजपा का फोकस, कानपुर में गूंज रहे यही तीन बिंदु
बूथ, सदस्यता और मतदाता जोड़ो अभियान पर ही भाजपा का फोकस, कानपुर में गूंज रहे यही तीन बिंदु

कानपुर, जागरण संवाददाता। भारतीय जनता पार्टी की हर बैठक अब बूथ, सदस्यता और मतदाता बनाने पर ही फोकस है। बैठक चाहे प्रदेश अध्यक्ष की रही हो या अब राष्ट्रीय अध्यक्ष की होने वाली हो, हर बैठक में बूथ ही चर्चा में है। बूथ का गठन हुआ या नहीं, कितने बूथ बाकी हैं। कितने सदस्य बनाए गए हैं। कितने मतदाता बने बस यही प्रमुख बिंदु है।

विधानसभा चुनाव अब चंद माह दूर हैं, जल्द ही अधिसूचना भी लग जाएगी। ऐसे मौके पर जब दूसरे दल अभी अपनी तैयारियों को भी ठीक से शुरू नहीं कर पाए हैं, भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव संचालन समितियां तक बना चुकी हैं। हर विधानसभा क्षेत्र में 17 सदस्यीय यह समिति बन चुकी है जो कार्य भी शुरू कर चुकी है। इसमें से 16 सदस्य फिलहाल कार्य में जुटे हुए हैं। 17वें सदस्य के रूप में विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी को जोड़ा जाएगा लेकिन पार्टी ने पहले ही साफ कर दिया है कि प्रत्याशी चाहे कोई भी क्यों ना हो, कमल निशान को ही प्रत्याशी मानकर चुनाव की तैयारी भी करनी है और चुनाव भी लड़ना है। इसीलिए पार्टी की गतिविधियों पर इस बात का कोई असर नहीं पड़ रहा है कि अभी प्रत्याशी नहीं है या प्रत्याशी कौन होगा। जहां एक ओर चुनाव संचालन समितियों की बैठक चल रही है, वहीं बूथ अध्यक्षों के सामने सदस्यता और मतदाता संवर्धन का सबसे बड़ा काम मौजूद है। बूथ के भरोसे ही पार्टी इस संबंध में बनाए गए अपने लक्ष्यों को पार करने जा रही है। इसलिए बूथ अध्यक्षों पर बहुत दबाव है। काम के दबाव में दबे बूथ अध्यक्षों की राष्ट्रीय अध्यक्ष के संबोधन के जरिए प्रोत्साहित करने के साथ ही नई ऊर्जा से चुनाव में जुटाने की तैयारी है। शनिवार को प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने जो बैठक की उसमें भी बूथ, सदस्यता और मतदाता ही प्रमुखता से चर्चा में थे। पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक अब चुनाव तक जो भी कार्यक्रम आएंगे, उसमें कहीं ना कहीं बूथ ही रहेगा।