कानपुर में अपराधियों की आएगी शामत, चतुराई दिखाई तो झट से आएंगे पुलिस की रडार पर, जानिए- कैसे

विशेषज्ञों से जानकारी लेने के बाद जल्द ही ड्रोन का ट्रायल (अभ्यास) कराया जाएगा।

बिकरू कांड से सबक लेते हुए शासन की ओर से जिलों को स्पेशल ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैंजो तमाम खूबियों से लैस हैं। रात के समय कांबिंग में पुलिस को सर्च लाइट व ड्रैगन लाइट लेकर नहीं चलना पड़ेगा। बदमाश छिप नहीं सकेंगे ।

Shaswat GuptaWed, 24 Feb 2021 06:40 AM (IST)

कानपुर, जेएनएन। शहर में बिकरू जैसी घटना दोबारा न हो इसके लिए पुलिस ने युक्ति खोज निकाली है। दरअसल, बिकरू या छोटी-बड़ी मुठभेड़ों से निपटने के लिए प्रशासन ने यह व्यवस्था की है। नई व्यवस्था के तहत रात के समय कांबिंग में पुलिस को सर्च लाइट व ड्रैगन लाइट लेकर नहीं चलना पड़ेगा। अंधेरे का फायदा उठाकर बदमाश छिप नहीं सकेंगे और आधा किलोमीटर दूर तक उनकी सटीक लोकेशन पता लगा लेगी। मंगलवार रात पुलिस लाइन में एक गैजेट आया है, जिससे यह सब संभव होगा। जल्द इसका अभ्यास भी कराया जाएगा।  

जानिए-  गैजेट के बारे में 

बिकरू कांड में दुर्दांत अपराधी विकास दुबे और उसके साथियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर ही हमला किया था। इसमें सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। वारदात के बाद आरोपित इसी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए और पुलिस छतों पर मौजूद इन अपराधियों की लोकेशन व मूवमेंट को नहीं भांप सकी थी। मगर, अब ऐसा नहीं हो सकेगा। बिकरू कांड से सबक लेते हुए शासन की ओर से जिलों को एलईडी माउंटेड हाईटेक ड्रोन कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं, जो तमाम खूबियों से लैस हैं। सबसे बड़ी खूबी यह है कि 100 मीटर ऊपर से ही इस ड्रोन व उसमें लगे कैमरों की मदद से मकानों की छतों व इमारतों में छिपे अपराधियों पर नजर रखी जा सकेगी। 

इनका ये है कहना 

एसपी पश्चिम डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि मंगलवार रात हाईटेक ड्रोन पुलिस लाइन में पहुंच गया है। उसके मैनुअल व ऑटोमैटिक संचालन की तकनीकी को देखा जाएगा। विशेषज्ञों से जानकारी लेने के बाद जल्द ही ड्रोन का ट्रायल (अभ्यास) कराया जाएगा। 

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