कानपुर में टूट रहे रिश्तों की लाज बचाकर सुर्खियों में आए बिधनू SO, पूरी खबर पढ़कर आप भी करेंगे सैल्यूट

परिवारिक विवाद निपटाने के बाद बिधनू एसओ को अाशीर्वाद देती महिला।

बिधनू के गांव से लेकर ट्विटर तक पुलिस ने खूब सुर्खियां बटोरीं। ऐसा होना भी स्वाभाविक है क्योंकि पुलिस का ये मानवीय चेहरा बहुत कम देखने को मिलता है। बिधनू के गांव कठारा में रहने वाली सुंदर देवी ने डीआइजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह से की थी शिकायत

Shaswat GuptaMon, 22 Feb 2021 10:25 AM (IST)

कानपुर, जेएनएन। प्राय: ऐसा होता है कि पुलिस प्रशासन की छोटी सी कमी नजर अाने पर लोग उन पर प्रश्नों की बौछार कर देते हैं। लेकिन इसी के ठीक विपरीत पुलिस क्षेत्र या जनपद में अपने किसी न किसी ऐसे कार्य के लिए चर्चा का पात्र बन जाती है, जाे वास्तव में प्रशंसा योग्य होता है। जनसेवा में सदैव तत्पर रहने की भावना लिए कानपुर पुलिस का ऐसा ही एक सराहनीय कार्य रविवार को चर्चा का पात्र बन गया। बिधनू के गांव से लेकर ट्विटर तक पुलिस ने खूब सुर्खियां बटोरीं। ऐसा होना भी स्वाभाविक है क्योंकि पुलिस का ये मानवीय चेहरा बहुत कम देखने को मिलता है। 

क्या है मामला 

बिधनू के गांव कठारा में रहने वाली सुंदर देवी पिछले कुछ दिनों से सिर्फ इसलिए एक ही टाइम खाना खा रही थीं, ताकि उन्हें बार-बार शौचालय न जाना पड़े। दरअसल, कठारा गांव निवासी 80 वर्षीय सुंदर देवी को ग्राम पंचायत की ओर से शौचालय निर्माण के लिए रुपये मिले थे। वह करीब छह माह से दरवाजे पर शौचालय निर्माण कराने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन पड़ोस में रहने वाले भतीजे इसका विरोध करते थे। मारपीट तक की नौबत आ जाती थी। इसे लेकर सुंदर देवी ने डीआइजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह से इसकी शिकायत करते हुए शौचालय बनवाने की गुहार लगाई थी। इसके तुरंत बाद डीआइजी ने थाना प्रभारी को मामले की जांच के आदेश दिए थे। 

पुलिस का यही कार्य बन गया नजीर 

थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने रविवार शाम को वृद्धा के सभी भतीजों और बेटों को एक साथ बैठाकर इंसानियत व बड़े बुजुर्गों के प्रति विनम्रता का भाव रखने का पाठ पढ़ाया। इसके बाद पूरा परिवार गिले-शिकवे खत्म कर वृद्ध चाची के लिए शौचालय बनवाने के लिए तैयार हो गए। थाना प्रभारी ने बताया कि भतीजे पहले पूरी संपति के बंटवारे की मांग कर रहे थे।

अखिलेश यादव ने भी किया था ट्वीट

मामला चर्चित होने के बाद इस मामले में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट किया था। पार्टी के ट्विटर अकाउंट से उन्होंने कानपुर के ओडीएफ होने पर तंज कसा था।

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