यूपी की राज्यपाल की सलाह- परिवार संग जाएं आंगनबाड़ी केंद्र, आपके बच्चे बनेंगे संस्कारी

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में राज्पाल आनंदीबेन पटेल ने केंद्रों को गोद लेने वाले कालेज प्रबंधन से जुड़े लोगों को सलाह दी। कहा छात्र-छात्राएं भी केंद्रों पर जाकर बच्चों को संगीत और खेल गणित आदि सिखाएं और कौशल को धरती पर उतारें।

Abhishek AgnihotriThu, 29 Jul 2021 08:58 AM (IST)
सीएसजेएमयू में आयोजित हुआ आंगनबाड़ी का कार्यक्रम।

कानपुर, जेएनएन। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 75 आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने वाले कालेज प्रबंधन से जुड़े लोगों को सम्मानित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें सलाह भी दी। कहा कि सामग्री दे दी है, सिर्फ इतना सोच कर न बैठ जाएं। वह खुद भी आंगनबाड़ी केंद्र जाएं और अपने बच्चों को भी ले जाएं। आपके बच्चों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा और वे संस्कारी बन जाएंगे। आपको आंगनबाड़ी केंद्रों का सहयोग करते देख वे भी बड़े होकर इसके लिए प्रेरित होंगे।

उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं भी आंगनबाड़ी केंद्र जाएं। उन्हें जो कुछ भी आता है, वो बच्चों को खेल-खेल में सिखाएं। इसमें संगीत, खेल, गणित आदि कुछ भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि उप्र में ताकत कम नहीं है। सिर्फ उस ताकत और कौशल को धरती पर उतारना है। सांसद, विधायक, पार्षद सभी मिलकर चेन बनाएं तो उत्तर प्रदेश भी आदर्श प्रदेश बन सकता है।

राज्यपाल ने नकल रोकने का प्रयास सराहा

राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को सीएसजेएमयू में समीक्षा बैठक में नकल रोकने के प्रयास को सराहनीय बताया। कहा कि इसके लिए और जागरूकता कार्यक्रम चलाएं। निर्देश दिए कि विवि से संबंधित कानूनी मामले जल्द निस्तारित किए जाएं। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी संबंधित शिक्षक व कर्मचारियों के साथ योजना बनाएं, जो विधिक मामलों से किसी न किसी रूप से जुड़े हुए हैं। कहा कि विवि अपनी योजनाएं दूसरे विश्वविद्यालयों और कालेजों तक पहुंचाए, जिससे उन्हें भी इनका लाभ मिल सके।

कुलपति प्रो. विनय पाठक ने उन्हें विवि की ओर से नई शिक्षा नीति लागू करने के संबंध में किए गए प्रयासों की जानकारी दी। इस पर उन्होंने कहा कि नए कोर्स जोड़े जाने का निर्णय अच्छा है। ऐसे कोर्स शामिल किए जाएं, जिससे छात्रों को अधिक से अधिक लाभ हो। बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि शोध एवं अनुसंधान का कार्य विश्वविद्यालय में कई वर्षों के बाद शुरू हुआ है। इसका लाभ छात्र-छात्राओं को मिलेगा। ग्रेडिंग को लेकर कुलपति प्रो. विनय पाठक ने कहा कि चार महीने के अंदर इसकी तैयारियां कर ली जाएं। इसके बाद यह रिपोर्ट राज्यपाल व कुलाधिपति के सामने पेश की जाएगी। कुलपति ने विश्वविद्यालय की नई वित्तीय प्रबंधन प्रक्रिया व व्यवस्थाओं के विषय में भी उन्हें अवगत कराने के साथ शिक्षकों की भर्ती संबंधित स्थिति के बारे में भी जानकारी दी।

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