प्रधानमंत्री आवास घोटाले में निलंबित डीडीओ के खिलाफ जांच शुरू, फर्जी ढंग से निकाला था सरकारी धन

औरैया में तैनाती के दौरान पीएम आवास में घोटाले का आरोप लगा था और कानपुर में तैनाती के समय निलंबन हुआ था। प्रकरण में शासन की ओर से संयुक्त विकास आयुक्त को जांच सौंपी गई है। जल्द दिया आरोप पत्र सौंपा जाएगा।

Abhishek AgnihotriThu, 16 Sep 2021 01:52 PM (IST)
शासन ने संयुक्त विकास आयुक्त को जांच दी है।

कानपुर, जेएनएन। औरैया में हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के घोटाले में निलंबित कानपुर नगर के जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) जीपी गौतम के खिलाफ शासन ने संयुक्त विकास आयुक्त को जांच दी है। अब जांच अधिकारी आरोप पत्र देकर जवाब मांगेंगे। जांच शुरू होने की जानकारी निलंबित डीडीओ को दे दी गई है।

2016-17 से 2017-18 के बीच जीपी गौतम औरैया में जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी के पद पर तैनात थे। इस दौरान भाग्यनगर ब्लाक के ग्राम पंचायत जुआ में कराए गए विकास कार्यों में करीब 25 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई थी। जांच में पाया गया था कि निर्माण और विकास कार्यों को फर्जी तरीके से अभिलेखों में दिखाकर धनराशि निकाल ली गई। इसी तरह प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवासों के आवंटन का कार्य भी अपात्रों को कर दिया गया था।

इन मामलों में वहां की तत्कालीन खंड विकास अधिकारी और जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के तत्कालीन परियोजना निदेशक जीपी गौतम को अगस्त 2021 में निलंबित किया गया। निलंबन के समय वे कानपुर के जिला विकास अधिकारी के पद पर तैनात थे। इस मामले की जांच संयुक्त विकास आयुक्त को करने का आदेश ग्राम्य विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने दिया है। जल्द ही शासन से आरोप पत्र गठित किया जाएगा। फिर उसे संयुक्त विकास आयुक्त के माध्यम से जीपी गौतम व निलंबित खंड विकास अधिकारी को दिया जाएगा।

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