News At Glance: कानपुर आ सकते हैं मुख्यमंत्री, संक्षेप में पढ़िए- राजनीतिक और अन्य खबरें

नगर निगम कर रहा सीएम के रूट को सैनिटाइज।

कानपुर शहर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने की संभावना पर नगर निगम सतर्क हो गया है। वहीं महापौर ने प्लाजमा डोनेट करने के लिए लोगों से अपील की। अव्यवस्थाओं को लेकर सपाइयों ने धरना देकर रोष जताया।

Abhishek AgnihotriTue, 11 May 2021 06:45 AM (IST)

मुख्यमंत्री के आने की संभावना से नगर निगम सतर्क

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जल्द शहर में आने की भनक मिलते ही नगर निगम का अमला शहर चमकाने में जुट गया है। सीएम के संभावित रूट को गंदगी मुक्त और सैनिटाइज करने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही सड़कों को गड्ढा मुक्त किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के संभावित रूट पर सोमवार को स्वास्थ्य और अभियंत्रण विभाग का अमला व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा रहा। मुख्यमंत्री लखनऊ से वाहन से आते हैं तो वह गंगा बैराज से सीएसए होते हुए हैलट और कोविड कंट्रोल रूम सेंटर मोतीझील पहुंचेंगे।

हेलीकॉप्टर से आए तो पुलिस लाइन में उतरेंगे और वहां से कार से हैलट और कोविड कंट्रोल रूम सेंटर मोतीझील पहुंचेंगे। दोनों संभावित रूट के एक-एक कोने से गंदगी साफ की जा रही है। इसके साथ ही चूने का छिड़काव कराया जा रहा है। इस काम के लिए सफाई कर्मचारियों की फौज लगा दी गई है। ताकि कहीं भी मुख्यमंत्री को गंदगी नजर नहीं आए। इसके पहले कई बार शहर आगमन के दौरान गंदगी मिलने पर सीएम ने अफसरों को फटकार लगाई थी।

महापौर व नगर आयुक्त ने की प्लाज्मा दान करने की अपील

प्लाज्मा थैरेपी के जरिए कोरोना संक्रमितों के इलाज में मदद मिल रही है। इसके चलते ज्यादा से ज्यादा लोगों से प्लाज्मा डोनेट किए जाने की अपील की जा रही है। इसी पहल से जुड़कर सोमवार को अपर नगर आयुक्त अरङ्क्षवद राय ने हैलट ब्लड बैंक में प्लाज्मा दान किया। उन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन नगर निगम द्वारा बनाए गए प्लाज्मा कंट्रोल रूम में कराया था। उन्होंने अपने स्टाफ से भी प्लाज्मा दान करने की अपील की। वहीं, महापौर प्रमिला पांडेय और नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी ने शहरवासियों से प्लाज्मा दान करने की अपील की। इसके साथ ही गौतम गुप्ता ने मधुराज में भर्ती रेनू अग्रवाल को प्लाज्मा दिया। वहीं, अभिषेक, साहिल, प्रियांशु, अक्षत, कुलदीप ङ्क्षसह, संदीप यादव ने भी प्लाज्मा दान देकर लोगों का जीवन बचाने में योगदान दिया।

फजलगंज निवासी साहिल ने नगर निगम के कंट्रोल रूम में रजिस्ट्रेशन कराकर हैलट के ब्लड बैंक में जाकर प्लाज्मा दान किया। साहिल ने बताया कि वे मां और पिता के साथ संक्रमित हो गए थे। साहिल ने बताया कि मंगलवार को उनके पिता गुरमीत ङ्क्षसह प्लाज्मा दान करेंगे। वहीं, शास्त्री नगर पार्षद राघवेन्द्र मिश्रा ने सोमवार को एक जरूरतमंद के फोन आने पर प्लाज्मा दान किया। पार्षद ने दूसरों को भी इस पहल से जुडऩे की अपील की।

अव्यवस्था के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं ने दिया धरना

कोविड मरीजों को सही इलाज न मिलना, दवाइयों और आक्सीजन की कालाबाजारी होना और एंबुलेंस की समस्या को लेकर सपाइयों ने उर्सला अस्पताल बड़े चौराहे के पास धरना दिया। इस दौरान सपाइयों ने जमकर नारेबाजी की। इस दौरान नगर अध्यक्ष डॉ. इमरान ने कहा कि प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य अधिकारियों की लापरवाही के कारण अस्पतालों में अव्यवस्था है। श्मशान घाट में अंतिम संस्कार के लिए मनमाने दाम वसूले जा रहे हैैं। इस अवसर पर सुभाष द्विवेदी, रणवीर यादव, पंकज गुप्ता, मुन्ना बरकाती, शकील खान, राजू कासिम, श्रेष्ठ गुप्ता आदि मौजूद रहे।

एक घंटे के लिए खुलीं सराफा दुकानें

एक मई को कोरोना कफ्र्यू लागू होने के बाद से बंद पड़ीं सराफा दुकानें सोमवार को एक घंटे के लिए खुलीं। इस दौरान कारोबारियों ने अपने जेवर एवं कैश आदि चेक किए। कुछ कारोबारियों ने अपनी दुकानें असुरक्षित जगह पर होने के कारण जेवर आदि साथ ले लिए। कानपुर सराफा कमेटी के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा ने पुलिस आयुक्त से सभी कारोबारियों को अपनी दुकानें एक बार चेक करने का मौका देने की बात कही थी। इसी के तहत सोमवार को दोपहर 12 बजे से एक बजे के बीच दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई। ग्राहक को बुलाकर जेवर न बेचने की भी चेतावनी दी गई थी।

तीन सप्ताह बाद खुली गल्ला मंडी

कोरोना के चलते तीन सप्ताह से बंद नौबस्ता गल्ला मंडी सोमवार को खुली। इस दौरान तकरीबन सौ टन गेहूं, चना, दाल, चावल, लाही और अरहर की बिक्री हुई। वहीं करीब चालीस टन सामग्री मंडी में आई। सुबह सात बजे से खुली मंडी दोपहर साढ़े ग्यारह बजते-बजते बंद हो गई। कोरोना से गल्ला मंडी के कई कारोबारियों, एक कर्मचारी के निधन होने के बाद आढ़तियों ने खुद तय कर 21 अप्रैल से गल्ला मंडी बंद कर दी थी। इसके बाद बीच-बीच में बैठक कर इसे आगे बढ़ाया जाता रहा।

गल्ला मंडी के लगातार बंद होने की वजह से थोक व फुटकर बाजार में कीमतें बढ़ रही थीं। इसे देखते हुए खुद मंडी सचिव सुभाष सिंह ने आढ़तियों से मंडी में दुकानें खोलने के लिए कहा था। सोमवार सुबह सात बजे करीब आढ़तिए पहुंच गए थे। हालांकि इनकी संख्या बमुश्किल 40 से 50 रही।

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