सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा- आंगनबाड़ी सामाजिक व्यवस्था की नींव, कोरोना से निपटने में अहम योगदान

UP CM and Governor Kanpur Visit छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 75 आंगनबाड़ी केंद्रों को किट का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल की पहल और आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेने वाले संस्थानों का अभिनंदन किया।

Abhishek AgnihotriWed, 28 Jul 2021 07:50 AM (IST)
सीएसजेएमयू में मुख्यमंत्री ने राज्यपाल की पहल का अभिनंदन किया।

कानपुर, जेएनएन। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में 75 आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधा संपन्न बनाने के लिए आवश्यक वस्तुओं के वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP CM Yogi Adityanath) ने कहा कि शिक्षा केंद्रों को समाज के साथ जोड़ने का सार्थक प्रयास किया गया है। आंगनबाड़ियों को गोद लेने व इन्हें सुविधा सम्पन्न बनाने की अच्छी पहल है। यह सामाजिक व्यवस्था की नींव है।

उन्होंने कहा कि गांव में जब कोरोना की स्थिति देखने हम गए तो वहां पर आंगनबाड़ियों का योगदान सबसे अहम नज़र आया। आज भी यह तीन से पांच वर्ष के बच्चों की स्क्रीनिंग करके कोरोना से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। आंगनबाड़ी को प्री प्राइमरी के रूप में विकसित करने की योजना है, कोरोना के चलते योजना को अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है। जल्द ही आंगनबाड़ियों का स्वरूप बदलकर उन्हें उन्हें समय की जरूरत के अनुसार विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर टीबी ग्रसित बच्चों को गोद लेकर इलाज व खान-पान की व्यवस्था करने का प्रयास सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में प्रदेश में संक्रमण नियंत्रित रहा। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों व कोरोना योद्धाओं को पहले टीका लगाया गया।

राज्पाल बोलीं-बच्चे हंसते हुए आएं आंगनबाड़ी केंद्र

कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (UP Governor Anandiben Patel) ने कहा पहले आंगनबाड़ी केंद्र कागजों पर चलते थे। जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब उनके सामने यह बात रखी, इसके बाद यह शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कहा कि जैसा जनांदोलन गुजरात में चलाया वैसा वाराणसी के आंगनबाड़ी में भी चलाएं। इसके बाद पूरा पाठ्यक्रम बना और महिलाओं को सिखाया गया कि बच्चों को कैसे पढ़ाना है। जन्म देने वाले भले ही कोई और हों लेकिन बच्चों को सिखाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं, इसलिए इन्हें यशोदा माता कहते हैं। आंगनबाड़ी में बच्चे रोते हुए नहीं हंसते हुए आना चाहिए। उन्हें लगना चाहिए कि वहां खेलने का मौका मिलेगा।

राज्यपाल ने कहा कि आंगनबाड़ी सबसे गरीब वर्ग के बच्चों के लिए है, दूसरी तरफ उच्च शिक्षा देने वाले कालेज हैं, अब इन दोनों को जोड़ा गया है। नैक में सोशल वर्क होना चाहिेए लेकिन बहुत से लोगों को यह मालूम ही नहीं था। इसके बाद तय हुआ कि एक विश्वविद्यालय पांच गांव और एक कालेज को एक गांव गोद लेना है। अगर ऐसा किया गया और सरकारी योजनाओं को उनतक पहुंचाया तो पांच साल में आंगनबाड़ी केंद्रों की तस्वीर बदल सकती है।

उन्होंने कहा, आंगनबाड़ी, आशा और ये सब मिलकर काम करेंगे तो गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी अस्पताल में हो सकेगी। बच्चों की पढ़ाई हो सकेगी। कालेज के प्रबंधकों से कहा कि वे आंगनबाड़ी में जरूर जाएं, परिवार को लेकर जाएं। इससे आपके बच्चों को संस्कार मिलेंगे। छात्रों को भी जाना चाहिए। वे संगीत, खेल, गणित, पेंटिंग आदि सिखाएं। सिर्फ सामग्री दे दी, इससे काम पूरा नहीं, उनके साथ बैठें, बात करें। महिलाएं किटी पार्टी चलाती हैं, तो उसके साथ आंगनबाड़ी से भी जुड़ें। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं कि यूपी ताकत नहीं, हमें अपनी ताकत और कौशल को धरती पर उतारना है। सांसद, विधायक, पार्षद सभी मिलकर चेन बनाएं तो यूपी आदर्श प्रदेश बन सकता है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए ट्रेनिंग शुरू करेंगे।

कार्यक्रम में एक्सिस इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, पीएसआईटी, कानपुर, कानपुर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, महाराणा प्रताप ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, नारायणा विद्यापीठ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, ऐलेन हाउस इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी तथा कानपुर इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज को आंगनबाड़ी केंद्र गोद लेने पर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बीच आंगनबाड़ियों को एजुकेशनल खिलौने, एबीसीडी, नंबर, पजेल, ब्लॉक्स, टाय फल, टाय एनीमल, एजुकेशनल मैप, प्लेबुक, पिक्टोरियल स्टोरी बुक, वाइट बोर्ड, वजन मशीन, हाईट गेज, फर्स्ट एड बॉक्स, हैण्डवास, ट्राई साईकिल, झूले, किड्स टेबल-चेयर, एवं खाने के बर्तन आदि वितरित किए। यहां पर कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल, कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक महापौर प्रमिला पांडेय, औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री नीलिमा कटियार, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल कामल व कुलसचिव अनिल कुमार यादव समेत अन्य शिक्षक मौजूद रहे।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का काफिला सवा दस बजे हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी पहुंचा, जहां पर एडीजी भानु भास्कर समेत सभी अफसरों ने उनका स्वागत किया। राज्यपाल व कुलाधिपति एचबीटीयू में शैक्षणिक, वित्तीय, कार्ययोजना समेत 55 प्रपत्रों की आख्या पर समीक्षा की। इसके बाद वह छत्रपति शाहूजी महाराज विश्विवद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पहुंची। उनके पहुंचने के कुछ देर बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी हेलीकॉप्टर पहुंच गया, हेलीपैड पर उतरने के बाद वह सीधे विश्वविद्यालय सभागार में पहुंचे।  विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट्स विभाग के छात्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिमा भेंट। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर विनय पाठक के अलावा पुलिस और प्रशासनिक अफसर भी मौजूद हैं।

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