UP Basic Shiksha: उपग्रहों की तीन साल पुराने आंकड़े पढ़ रहे बच्चे, परिषदीय स्कूल की कक्षा छह की किताब में गड़बड़ी

परिषदीय विद्यालय में कक्षा छह की किताब पृथ्वी और हमारा जीवन में तीन साल पुराने आंकड़े बच्चों को पढ़ाए जा रहे हैं। कन्नौज में शिक्षकों ने यह गड़बड़ी पकड़ी है तो बेसिक शिक्षा विभाग ने गलती मानते हुए सही आकंड़े पढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

Abhishek AgnihotriWed, 15 Sep 2021 01:58 PM (IST)
परिषदीय स्कूल की कक्षा छह की किताब में गड़बड़ी।

कन्नौज, जेएनएन। परिषदीय विद्यालयों की कक्षा छह में बच्चों को तीन साल पुराने आंकड़े नवीन पाठ्यक्रम में पढ़ाए जा रहे हैं। पहले भी कई बार किताबों में गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं। प्राथमिक स्कूल के बच्चों के पाठ्यक्रम में गलतियों पर शिक्षा विभाग ने अब संज्ञान लिया है और शिक्षकों को सही आंकड़े पढ़ाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, पुस्तक में दर्ज ये आंकड़े प्रदेश के सभी पारिषदीय विद्यालयों में पढ़ाये जा रहे हैं।

परिषदीय विद्यालयों की कक्षा छह की पुस्तक में यह गलती शिक्षकों ने पकड़ी है। कक्षा छह की पुस्तक 'पृथ्वी और हमारा जीवन' में बृहस्पति व शनि के उपग्रहों की संख्या मौजूदा समय के हिसाब गलत है। इसे बेसिक शिक्षा विभाग ने भी स्वीकार किया है। अब शिक्षकों को गू्गल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। किताब में पहला पाठ हमारा सौर मंडल का है। इसमें आकाशीय पिंड, खगोलीय पिंड, सौरमंडल, सूर्य, ग्रह, उपग्रह, पृथ्वी, चंद्रमा, उल्का  पिंड समेत पूरे ब्रह्माांड के बारे में जानकारी है।

इसी पाठ में सौरमंडल के ग्रहों की तुलनात्मक तालिका भी दी गई है। इसमें सभी ग्रहों के नाम और उनके उपग्रहों की संख्या भी है। उपग्रहों में बृहस्पति के 69 और शनि के 62 उपग्रह बताए गए हैं। इस वक्त बृहस्पति के 79 व शनि के 82 उपग्रह हो गए हैं। किताब में दिए आंकड़े वर्ष 2018 के हैं और किताब का प्रकाशन वर्ष 2021-22 का दिया है।

-उपग्रह बढ़ते और घटते हैं, लेकिन किताब में प्रकाशित आंकड़े तीन वर्ष पुराने हैं। अन्य शिक्षकों को जानकारी दी जाएगी और गूगल से अपडेट आंकड़े ही छात्रों को पढ़ाए जाएंगे। -अरविंद कुशवाहा, खंड शिक्षा अधिकारी

-ये सही है कि वर्तमान में बृहस्पति के 79 (53 कन्फर्म और 26 प्रोविजनल) तथा शनि के 82 (53 कन्फर्म और 29 प्रोविजनल) उपग्रह हैं। इनकी संख्या बढ़ भी सकती है क्योंकि वर्तमान में टेलीस्कोपिक तकनीक तेजी से विस्तार ले रही है। बच्चों को सही जानकारी दी जानी चहिये। -शशिभूषण पांडेय जी, वरिष्ठ विज्ञानी आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान नैनीताल

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.