बैंको के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स करेगा हड़ताल, इन दो दिन काम हो सकता है प्रभावित

यूनियन के मंत्री रजनीश गुप्ता के मुताबिक केन्द्र सरकार ने बजट सेशन में दो बैंकों के निजीकरण की घोषणा संसद में की थी। वर्तमान संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार ने निजीकरण का एजेंडा अधिसूचित किया है। बैंक यूनियन सरकार के इस निर्णय के खिलाफ हैं।

Abhishek AgnihotriFri, 03 Dec 2021 01:26 PM (IST)
16 व 17 दिसंबर को यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स की हड़ताल।

कानपुर, जागरण संवाददाता। निजीकरण के खिलाफ लंबे समय से विरोध कर रहे यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स ने अब 16 व 17 दिसंबर को हड़ताल की तैयारी कर ली है। इस आंदोलन की शुरुआत शुक्रवार को धरने और प्रदर्शन से होगी। इसके बाद बैंक यूनियन अपनी हड़ताल की की तैयारी में जुट जाएंगी।

आल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के केन्द्रीय समिति सदस्य एवं यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के मंत्री रजनीश गुप्ता के मुताबिक केन्द्र सरकार ने बजट सेशन में दो बैंकों के निजीकरण की घोषणा संसद में की थी। वर्तमान संसद के शीतकालीन सत्र में केंद्र सरकार ने निजीकरण का एजेंडा अधिसूचित किया है। बैंक यूनियन सरकार के इस निर्णय के खिलाफ हैं। अब बैंक यूनियन शुक्रवार से अपना यह अभियान शुरू करेंगी। इसके तहत पहले शुक्रवार को भारतीय जीवन बीमा निगम बिल्डिंग स्थित बैंक आफ इंडिया के सामने सुबह 10 बजे से धरना किया जाएगा। इसके बाद दोपहर में यहीं ढाई बजे से प्रदर्शन होगा।

उन्होंने बताया कि इसी क्रम में 16 एवं 17 दिसंबर को बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ हड़ताल की जाएगी। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन्स ने इस हड़ताल का आह्वान किया है। बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों की सभी नौ यूनियन का समूह है। सभी बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी इस संगठन में शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम न सिर्फ कर्मचारियों बल्कि अर्थव्यवस्था और आम आदमी के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अपने इस कदम से पीछे नहीं हटती तो आने वाले समय में एक लंबा संघर्ष किया जाएगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के पदाधिकारी विजय अवस्थी, प्रवीन मिश्रा, अरविन्द द्विवेदी, साराँश श्रीवास्तव ने धरने व हड़ताल को सफल बनाने के लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को इसमें शामिल होने के लिए कहा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के संयोजक सुधीर सोनकर ने बैंक कर्मचारियों से लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने आम जनता से सरकार के इस कृत्य का विरोध करने के लिए साथ आने की अपील की।

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