Crime ब्रांच ने पकड़ा Cyber का सनसनीखेज मामला, असम के दो युवकों ने बेचे 10 हजार प्री एक्टिवेट सिम

इन दिनों ओएलएक्स पर ठगी करने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं जो सस्ते दामों पर सामान बेचने का झांसा देकर शिकार फंसाते हैं। गिरोह सामान खरीदने के नाम पर खरीदारों से फर्जी खातों में धन जमा कराता है और फिर उस मोबाइल नंबर बंद कर देता है

Akash DwivediThu, 17 Jun 2021 07:29 AM (IST)
राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में होने की आशंका के चलते पुलिस इनका रोहिंग्या कनेक्शन भी जांच रही

कानपुर (गौरव दीक्षित)। सैन्य अधिकारी बन ओएलएक्स एप पर ठगी करने वाले एक गिरोह की जांच कर रही कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक सनसनीखेज मामला पकड़ा है। जांच में सामने आया है कि असम के दो युवकों ने एक साल में 10 हजार से ज्यादा प्री एक्टिवेट सिम बेच डाले। शुरुआती जांच में जानकारी मिली है कि ये प्री एक्टिवेट सिम अपराधियों को बेचे गए, जिसमें एक बड़ा हिस्सा मथुरा और राजस्थान में सक्रिय नकली सोना बेचने वाले गिरोहों ने खरीदा। इनका प्रयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में होने की आशंका के चलते पुलिस इनका रोहिंग्या कनेक्शन भी जांच रही है।

इन दिनों ओएलएक्स पर ठगी करने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं, जो सस्ते दामों पर सामान बेचने का झांसा देकर शिकार फंसाते हैं। गिरोह सामान खरीदने के नाम पर खरीदारों से फर्जी खातों में धन जमा कराता है और फिर उस मोबाइल नंबर बंद कर देता है, जिस पर खरीद-फरोख्त की बातचीत होती है। ऐसा ही एक प्रकरण गोविंदनगर में हुआ था, जिसमें आइटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। इसकी जांच क्राइम ब्रांच को दी गई थी। पीडि़त विशााल ओएलएक्स पर सस्ती स्कूटी खरीदने के चक्कर में फंसे और धीरे-धीरे करके उनके 1.87 लाख रुपये जमा करा लिए गए। विशाल ने पुलिस को दो मोबाइल फोन नंबर दिए, जिनसे ठग ने बातचीत की थी।

ऐसे हुई जांच, ऐसे हुआ राजफाश : क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की तो एक नंबर ओडिशा के बालासोर और दूसरा असम के गोलपारा जिले का निकला। इन दोनों मोबाइल फोन नंबरों का काल डिटेल रिकार्ड जांचा गया तो इनसे मोबाइल फोन सेट के 21आइएमइआइ नंबर मिले। इसके बाद पुलिस ने 21 मोबाइल नंबर की सीडीआर खंगाली तो आठ संदिग्ध मोबाइल फोन की जानकारी मिली। इन आठ में भी दो मोबाइल फोन की आइएमइआइ जब पुलिस ने रन कराई तो अफसर भी चौंक गए। एक साल के भीतर इन दोनों मोबाइल फोन सेट से 11,667 सिम एक्टिवेट किए गए थे। जांच में पता चला कि दोनों फोन का प्रयोग असम के बारपेटा जिले में काम करने वाले दो युवक कर रहे थे, जिनकी सिम बेचने की दुकान है। अब तक जांच में सामने आया है कि इनमें से 10 हजार से ज्यादा सिम प्री एक्टिवेट करके बेचे गए, जो अपराधी गिरोहों के हाथ लगे।

इस गिरोह ने खपाए सबसे ज्यादा सिम : जांच में सामने आया है कि भरतपुर, अलवर, मथुरा, नूह और मेवात में दर्जनों गिरोह सक्रिय हैं, जो धोखाधड़ी कर नकली सोना बेचते हैं। गिरोह बातचीत के लिए इन्हीं प्री एक्टिवेट सिम का प्रयोग करता है, ताकि पुलिस उन तक न पहुंचे। इसके अलावा ओएलएक्स पर आर्मी अफसर बनकर सामान बेचने वाले गिरोह को भी बड़ी संख्या में सिम मिले हैं।

ऐसे प्री एक्टिवेट किए जाते हैं सिम : पुलिस के मुताबिक ग्राहक सिम खरीदने जाता है तो यह गिरोह उससे दो या दो से अधिक प्रपत्र बहाने से ले लेते हैं। इसके बाद उन्हीं दस्तावेजों से दूसरे सिम एक्टिवेट किए जाते हैं।

इनका ये है कहना

दो लोगों द्वारा 10 हजार सिम अवैध तरीके से एक्टिवेट करने का मामला गंभीर है। क्राइम ब्रांच की टीम जांच कर रही है। - असीम अरुण, पुलिस आयुक्त 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.