कानपुर के इन क्षेत्रों में लाेगों को नहीं मिल रही जाम से निजात, आवागमन में यात्रियों काे हो रही असुविधा

घनी आबादी वाले क्षेत्रों में चौड़ी सड़कें संकरी गलियों में बदलती जा रही है। इन क्षेत्रों से बिना जाम में फंसे निकलना मुश्किल है। आए दिन राहगीरों को जाम से जूझना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो लोगों ने अवैध रूप से सड़क पर पार्किंग बना रखी है।

Shaswat GuptaWed, 15 Sep 2021 11:04 PM (IST)
कानपुर में ट्रैफिक जाम की खबर से संबंधित प्रतीकात्मक फोटो।

कानपुर, जेएनएन। घनी आबादी वाले वाले इलाकों में हर दिन जाम लगता है। यहां जाम से निजात के लिए न तो कोई कार्रवाई की जाती है न ही अवैध रूप से सड़कों पर लगाई जा रही दुकानों व पार्किंग हटाने के लिए कोई अभियान भी नहीं चलाया जाता है। इन क्षेत्रों में सुबह से देर रात तक जाम की स्थित बनी रहती है।

घनी आबादी वाले क्षेत्रों में चौड़ी सड़कें संकरी गलियों में बदलती जा रही है। इन क्षेत्रों से बिना जाम में फंसे निकलना मुश्किल है। आए दिन राहगीरों को जाम से जूझना पड़ रहा है। कई जगहों पर तो लोगों ने अवैध रूप से सड़क पर पार्किंग बना रखी है। रही सही कसर सड़क पर लगने वाली दुकानों ने पूरी कर दी है। इसकी वजह से अकसर जाम की स्थिति बनी रहती है।

 परेड से लेकर चमनगंज तक सड़क का बुरा हाल है। यहां लोगों ने फुटपाथ के साथ सड़क के किनारे अवैध कब्जे कर रखे है। पूरे क्षेत्र में सैकड़ों दुकानें व ठेले लगते हैं। इसके साथ ही लोगों ने सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से पार्किंग भी बना रखी है। अवैध पार्किग की वजह से वाहन आधी सड़क घेरे रहते हैं। रहमानी मार्केट से लेकर रूपम चौराहा तक दोनों ओर बड़ी संख्या में वाहन खड़े रहते हैं। रहमानी मार्केट के सामने तथा सड़क के दूसरी तरफ सुबह से रात तक वाहन खड़े रहते हैं। इन क्षेत्रों से ई-रिक्शों की वजह से भी बुरा हाल रहता है। जगह-जगह आड़े तिरछे खडे़ ई-रिक्शों की वजह से लोगों का निकलना मुश्किल होता है। तलाक महल से होकर चमनगंज जाने वाले रास्ते पर दो पहिया वाहन बड़ी मुश्किल से निकल पाते हैं।  दादा मियां चौराहा, हीरामन का पुरवा, बेकनगंज, पेंचबाग, रजबी रोड, नई सड़क आदि क्षेत्रों यही स्थित है।

 

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