कानपुर में तबादला नीति आते ही लिपिकों में मची खलबली, तलाश रहें बीमारी का बहाना

शहर में पीडब्ल्यूडी के छह डिविजन हैं। यहां 10 वर्ष से ज्यादा लिपिक तैनात हैं। शासनादेश आने के बाद से सभी लिपिक अपने तबादला रुकवाने के लिए उच्चाधिकारियों के पास लेकर पहुंच रहे हैं। अधिकारी भी पूरी सूची गोपनीय तरीके से तैयार कर रहे हैं।

Akash DwivediSat, 19 Jun 2021 07:15 PM (IST)
इस बार भी यही भूमिका बनाने की तैयारी चल रही है

कानपुर, जेएनएन। शासन की तबादल नीति आते ही पीडब्ल्यूडी लिपिकों में खलबली मच गई है। अब मुख्य अभियंता ने 10 से ज्यादा वर्षों से जमें लिपिकों की सूची गोपनीय तरीके से तैयार की जा रही है।

शहर में पीडब्ल्यूडी के छह डिविजन हैं। यहां 10 वर्ष से ज्यादा लिपिक तैनात हैं। शासनादेश आने के बाद से सभी लिपिक अपने तबादला रुकवाने के लिए उच्चाधिकारियों के पास लेकर पहुंच रहे हैं। अधिकारी भी पूरी सूची गोपनीय तरीके से तैयार कर रहे हैं। इसके बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। डिवीजनों में तैनात कुछ लिपिकों की पदोन्नति होने के बाद तबादला हो गया था। वह भी अभी उसी डिवीजन में कार्यरत हैं। पिछले बार तबाला नीति आते ही कई लिपिकों ने बीमारी का बहाना बताते हुए अपना तबादला रुकवा लिया था। इस बार भी यही भूमिका बनाने की तैयारी चल रही है। इसके बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। डिवीजनों में तैनात कुछ लिपिकों की पदोन्नति होने के बाद तबादला हो गया था। वह भी अभी उसी डिवीजन में कार्यरत हैं। पिछले बार तबाला नीति आते ही कई लिपिकों ने बीमारी का बहाना बताते हुए अपना तबादला रुकवा लिया था। इस बार भी यही भूमिका बनाने की तैयारी चल रही है। अधिकारी भी पूरी सूची गोपनीय तरीके से तैयार कर रहे हैं। इसके बाद इसे शासन को भेजा जाएगा।

आंदोलन के लिए फिर तैयार हो रही भूमिका : कर्मचारी नेता उमाशंकर दीक्षित, पंकज तिवारी ने बताया कि तबादले के बाद जमे लिपिक भ्रष्टाचार व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का शोषण कर रहे हैं। उनपर कार्रवाई के लिए भूमिका बनाई जा रही।

 

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