जलकुंभी हटाने की नहीं बन पा रही योजना, लो प्रेशर से सप्लाई

गंगा बैराज प्लांट में जलकुंभी फंसने से छह दिन बाद भी दस लाख लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।

JagranWed, 23 Jun 2021 02:27 AM (IST)
जलकुंभी हटाने की नहीं बन पा रही योजना, लो प्रेशर से सप्लाई

जेएनएन, कानपुर : गंगा बैराज प्लांट में जलकुंभी फंसने से छह दिन बाद भी दस लाख लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते जलकल ने जलापूर्ति के लिए जगह-जगह टैंकर भेज रहा है। गुजैनी स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में नहर का पानी नहीं पहुंचने से 2.8 करोड़ लीटर पानी की सप्लाई रुकी हुई है। इससे दक्षिण क्षेत्र की तीन लाख की जनता परेशान है। वहीं, बैराज प्लांट पहले लीकेज की वजह से बंद, फिर आपरेटर की हड़ताल और अब जाल में जलकुंभी फंसने से प्लांट को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। जलनिगम अवर अभियंता राहुल तिवारी ने बताया कि जलकुंभी हटाने के जलकल को पत्र लिखकर मदद मांगी है। उन्होंने बताया कि पहले प्लांट आठ घंटे ही चलता था। अब 12 घंटे चला रहे हैं। एक शिफ्ट में जलकल पानी लेता, दूसरे में जलनिगम की सप्लाई होती है। बयान हुए पर गिरफ्तार नहीं हुआ भाजपा नेता, कानपुर : किदवई नगर थाने में पाक्सो के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस को बयान देने के बाद कोर्ट में भी कलमबंद बयान दर्ज हो चुके हैं। आरोपित विवेक निगम भाजपा नेता है, इसलिए उसकी गिरफ्तारी नहीं हो रही है। मंगलवार को साकेत नगर निवासिनी पीड़िता ने वन स्टाप सेंटर में राज्य महिला आयोग की सदस्य पूनम कपूर को यह व्यथा सुनाई। इसके बाद उन्होंने किदवई नगर पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसी तरह दादा नगर निवासिनी महिला ने ससुराल वालों पर दहेज का आरोप लगाकर मारपीट करने की बात कही। जिस पर सदस्य ने महिला थानाध्यक्ष को निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रभा शर्मा और छविराम ने कोविड के दौरान कुलवंती अस्पताल द्वारा इलाज के लिए अधिक धनराशि लेने की शिकायत की गई। इस पर जांच के निर्देश दिए गए। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य पूनम कपूर और रंजन शुक्ला ने मंगलवार को गोल चौराहा स्थित वन स्टाप सेंटर में घरेलू हिसा, दहेज उत्पीड़न व अन्य समस्याओं की जन सुनवाई की। 22 मामले आए थे। जन सुनवाई में एसीपी शिवा, डीसीपी रवीना त्यागी, अंकिता निगम, महिला थानाध्यक्ष स्नेहलता उपस्थित रहीं। इकलौता बेटा खोया पर हर भारतीय सैनिक अपना , कानपुर : हमने अपना इकलौता बेटा खो दिया, कोई उसकी जगह नहीं ले सकता। आज हमारे पास भारतीय सेना के लाखों सैनिक हैं, जो हमारे अपने से कम नहीं हैं। जब भी हम किसी सैनिक को टीवी, बस या गांव में देखते हैं तो उनसे हमेशा जुड़ाव महसूस करते हैं। यह बातें शहीद मेजर सतीश दहिया की मां अनीता देवी ने आइआइटी के छात्रों से कही। वह मंगलवार को पति चौधरी अचल सिंह के साथ संस्थान पहुंचीं थीं। यहां पर अधिकारियों और एनसीसी के जवानों से मिले। इसके बाद आनलाइन छात्रों से जुड़े। चौधरी अचल सिंह ने बेटे के बचपन की बातें बताईं। उन्होंने कहा कि सतीश गांव में पहले सेना के अधिकारी के रूप में चयनित हुए। वह शुरू से ही सेना में जाना चाहते थे। उन्हें बचपन से ही सिखाया गया था कि पहले देश, फिर माता पिता, बाकी सब तीसरी प्राथमिकता में आते हैं। शहीद मेजर के माता पिता ने संस्थान में बख्तरबंद वाहन का उद्घाटन किया। एनसीसी के ऑफिसर इंचार्ज कर्नल अशोक मोर, उप निदेशक प्रो. एस गणेश, सोनिया मोर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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