कानपुर में यहां पर सालभर से बिजली का कनेक्शन ही नहीं, फिर अधिकारी लगा रहे पलीता

इसमें तत्कालीन अधिशासी अभियंता ने ट्रांसफार्मर और बिजली की व्यवस्था नहीं की है। इसका खामियाजा 50 से ज्यादा अवर अभियंता झेल रहे हैं। अब इलेक्ट्रिकल मकैनिकल इंजीनयरिंग विंग के अधिशासी अभियंता ने ट्रांसफार्मर रखने के लिए 38 लाख रुपये की मांग की

Akash DwivediTue, 14 Sep 2021 11:50 AM (IST)
अधिशासी अभियंता ने ट्रांसफार्मर रखने के लिए 38 लाख रुपये की मांग की

कानपुर, जेएनएन। सरकार अपने राजस्व को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पलीता लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं। अवर अभियंताओं को सालभर आवासों को आवंटन हो चुका है, लेकिन अभी तक आवासों में अवर अभियंता रहने नहीं गये हैं। अभियंता किराये पर प्राइवेट कमरे लेकर रह रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व का चूना लगा रहा है। एक अवर अभियंता ने बताया कि तीन करोड़ रुपये से टाइप थ्री की रावतपुर में बिल्डिंग तैयार की है। इसमें तत्कालीन अधिशासी अभियंता ने ट्रांसफार्मर और बिजली की व्यवस्था नहीं की है। इसका खामियाजा 50 से ज्यादा अवर अभियंता झेल रहे हैं। अब इलेक्ट्रिकल मकैनिकल इंजीनयरिंग विंग के अधिशासी अभियंता ने ट्रांसफार्मर रखने के लिए 38 लाख रुपये की मांग की है।

इस तरह राजस्व का हो रहा नुकसान : अगर सरकारी आवास में अवर अभियंता रहते हैं तो सरकार उनके वेतन से आवास का किराया काटती है। इससे सरकार का राजस्व बढ़ता है, लेकिन मौजूदा समय में अभियंता प्राइवेट कमरा लेकर निवास कर रहे हैं। जहां पर किराया देते हैं।

कार्रवाई के डर से कोई अभियंता नहीं आ रहा सामने : आवास में बिजली ना होने का मामला कोई भी अवर अभियंता लिखित रुप से उच्चाधिकारियों को अवगत नहीं करा रहा है। अभियंताओं को डर है कि कहीं उन पर ही ना कोई कार्रवाई हो जाये।

जिन्होंने की लापरवाही वही बने गये नेता : सरकारी आवासों में बिजली ना होने की मुद्दा डिप्लोमा इंजीनियर संघ को उठाते हैं, लेकिन जिन अभियंताओं के नेतृत्व में यह आवास बने हैं। वह आवाज नहीं उठा रहे हैं। चूंकि शासन से पूछा जाएगा कि जब बिल्डिंग बनी तो बिजली की व्यवस्था क्यों नहीं हुई। इस पर अभियंता जवाब नहीं दे पाएंगे। इस कारण कोई आवाज नहीं उठा रहा है।

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