हमीरपुर : पुलिस पुत्र को जबरन बैठाकर ले जा रही थी, तभी पीछे से आकर पिता को लोडर ने रौंदा

बुधवार सुबह मुस्करा पुलिस आई और स्थान खाली कर जाने के लिए कहकर चली गई। लेकिन बारिश के कारण वह लोग जा नहीं सके। शाम को दोबारा पुलिस डेरा पर आई और पति राकेश को संदिग्ध मानकर जबरन गाड़ी में बैठाकर थाने की ओर ले जाने लगे।

Akash DwivediThu, 22 Jul 2021 07:53 PM (IST)
घटना की जानकारी देती मृतक की बहू जिया। जागरण

हमीरपुर, जेएनएन। मुस्करा थाना क्षेत्र के बसवारी गांव में चूड़ी बेचने वाले युवक को पुलिस संदिग्ध मानकर ले गई। थाने जा रहे उसके पिता को पीछे से आए तेज रफ्तार लोडर ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

जनपद झांसी के समथर गांव निवासी जिया ने बताया कि वह अपने पति राकेश, ससुर सुघर सिंह, सास सोना आदि स्वजन के साथ मुस्करा थाना क्षेत्र के बसवारी गांव में 2 दिन पहले चूड़ी बेचने गए थे। सड़क किनारे झोपड़ी बनाकर रुके हुए थे।

महिला जिया ने बताया की बुधवार सुबह मुस्करा पुलिस आई और स्थान खाली कर जाने के लिए कहकर चली गई। लेकिन बारिश के कारण वह लोग जा नहीं सके। शाम को दोबारा पुलिस डेरा पर आई और पति राकेश को संदिग्ध मानकर जबरन गाड़ी में बैठाकर थाने की ओर ले जाने लगे। जब 60 वर्षीय ससुर सुघर सिंह पुत्र रामकिशन आदिवासी भालिया पैदल ही थाने जा रहे थे। तभी पीछे से आई तेज रफ्तार लोडर ने टक्कर मार दी। जिससे वह सड़क पर गिर गया और लोडर रौंदता हुआ निकल गया। इससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद समुदाय के लोग एकत्र हो गए और हंगामा करने लगे।

पुलिस बल मौके पर पहुंचा और डेरा वालों को समझा बुझाकर शव को गुरुवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। लोडर को मुस्करा पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मृतक के स्वजनों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए कहा पुलिस राकेश को न ले जाती तो यह घटना घटित न होती। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

 

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