कानपुर के रूमा में दूर होगी टेक्सटाइल इंडस्ट्री की समस्या, ट्रीटमेंट प्लांट बनने से गंगा में नहीं गिरेगा दूषित पानी

डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराकर वहां निर्माण कराया जाए।

यहां के टेक्सटाइल से जुड़े उद्योगों को अक्सर बंद करने का आदेश ट्रिब्यूनल की ओर से जारी किया जाता रहा है। ऐसा आदेश न आए इसलिए उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने वहां वर्षों से बंद पड़े डेढ़ एमएलडी के इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन शुरू करा दिया

Shaswat GuptaSat, 20 Feb 2021 05:35 PM (IST)

कानपुर, जेएनएन। रूमा औद्योगिक क्षेत्र टेक्सटाइल इंडस्ट्री का हब है। यहां सिर्फ एक ही इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट है ऐसे में उद्योगों से निकलने वाले केमिकल युक्त पानी का शोधन नहीं हो पा पाता है। जल्द ही यहां एक और इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसकी कवायद शुरू की जा रही है। इस प्लांट का संचालन भी उद्यमियों द्वारा गठित स्पेशल परपज व्हीकल द्वारा किया जाएगा। इस प्लांट की स्थापना में जो खर्च आएगा उसे उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण ही वहन करेगा। इसके बन जाने के बाद उद्यमी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की कार्रवाई से बच जाएंगे। यहां के उद्योगों को कई बार बंदी की नोटिस मिल चुकी है और उद्योग बंद भी होते रहे हैं।

रूमा औद्योगिक क्षेत्र प्रयागराज हाईवे के किनारे बसा हुआ है। यहां से निकलने वाला केमिकल युक्त पानी नाले के रास्ते गंगा में चला जाता है। इस वजह से ही यहां के टेक्सटाइल से जुड़े उद्योगों को अक्सर बंद करने का आदेश ट्रिब्यूनल की ओर से जारी किया जाता रहा है। ऐसा आदेश न आए इसलिए उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने वहां वर्षों से बंद पड़े डेढ़ एमएलडी के इंफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन शुरू करा दिया और रखरखाव की जिम्मेदारी उद्यमियों को दे दी। साथ ही एक और डेढ़ एमएलडी के प्लांट की स्थापना का निर्णय लिया, लेकिन अभी तक यह प्लांट स्थापित नहीं हो सका। अब इसकी स्थापना होगी क्योंकि ट्रिब्यूनल में यह मामला कभी भी उठ सकता है क्योंकि यहां क्षमता से ज्यादा पानी निकलता है। ऐसे में ट्रिब्यूनल कभी भी उद्योगों को नोटिस दे सकता है। इसलिए कोशिश हो रही है कि जल्द से डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराकर वहां निर्माण कराया जाए।

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