कानपुर में अब सामने आया कन्या सुमंगला योजना फर्जीवाड़ा, 10 पंचायत सचिव फंसे

शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में घोटाले के बाद सीडीओ ने जांच कराई तो सामने आया कि कन्या सुमंगला योजना में भी बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किय गया है। इसमें दस पंचायत सचिव पर अब कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

Abhishek AgnihotriSun, 26 Sep 2021 09:48 AM (IST)
जांच में सामने आई कन्या सुमंगला योजना की हकीकत।

कानपुर, जेएनएन। शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में घोटाले के बाद अब मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना में फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस योजना में 10 पंचायत सचिव फंस गए हैं और अब उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जा सकता है। साथ ही उन्हें निलंबित भी किए जाएगा। फिलहाल सीडीओ डा. महेंद्र कुमार के आदेश पर खंड विकास अधिकारियों ने उनसे जवाब मांगा है। इन सचिवों ने मौके पर गए बिना ही अपात्रों को पात्र बना दिया।

शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना में हुए घोटाले के बाद जब सीडीओ ने इस योजना की जांच कराई तो पता चला कि इसमें भी फर्जीवाड़ा हुए है। एक-दो नहीं बल्कि 258 अपात्रों को पात्र बनाया गया है। इस मामले में सदर तहसील के कई लेखपालों के विरुद्ध भी कार्रवाई होगी। पंचायत सचिव पिंकी कुशवाहा ने ताजपुर गांव की आस्था को पात्र बनाया, जबकि वह अपात्र थीं। सचिव ओंकारनाथ ने सरसौल की अवंतिका, वर्षा शुक्ला ने नर्वल निवासी शिवकन्या, कृतिका, इंद्रा को पात्र बताया।

सचिव अजेंद्र तिवारी ने फुफुआर सुइथोक की नैैंसी, साबिर अली ने सलेमपुर की सोनी, आकाश कनौजिया ने भदासा की आयुषी, राहुल देव मिश्रा ने महोली की अनन्या, डोमनपुर की संध्या को पात्र बना दिया, जबकि ये सभी अपात्र थीं। इसी तरह पुनीत मिश्रा ने कठेरुआ की प्रज्ञा, न्योरी की मनीषा, कडऱी चंपतपुर की प्रतिभा समेत अलग-अलग गांवों की नौ अपात्रों को पात्र बनाया तो जितेंद्र मिश्रा ने चौराई की काजल और निधि को भी गलत तरीके से पात्र बनाया।

कन्या सुमंगला योजना में हुए फर्जीवाड़े में फिलहाल 10 पंचायत सचिव इस मामले में फंस गए हैं। इस मामले में अगस्त माह में तत्कालीन डीएम आलोक तिवारी ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। अब उनके विरुद्ध कार्यवाही शुरू हो गई है।

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