कानपुर की बेटी का जमीन पर पड़ा खून देख वकील सीमा कुशवाहा हुईं भावुक, जांच करने पहुंची थीं अपार्टमेंट

Kanpur Murder Case कानपुर शहर के कल्याणपुर थानाक्षेत्र के इंदिरानगर स्थित गुलमोहर अपार्टमेंट में हुआ कुकर्म मानवता को शर्मसार और कलंकित करने की गवाही देता है। इसी मामले की जांच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा को कानपुर आना पड़ा।

Shaswat GuptaSat, 25 Sep 2021 01:10 AM (IST)
गुलमाेहर अपार्टमेंट में पड़ा खून देख एडवोकेट सीमा कुशवाहा की आंखें छलक आईं।

कानपुर, जेएनएन। Kanpur Murder Case शहर के कल्याणपुर थानाक्षेत्र के इंदिरानगर स्थित गुलमोहर अपार्टमेंट में पिछले दिन हुआ कुकर्म और हत्या का मामला अब और भी ज्यादा गरमा गया है। दरअसल, मामले में को जहां एक ओर निर्भया की वकील रह चुकीं सीमा कुशवाहा ने लड़ने का फैसला लिया है, तो वहीं राजनीतिक पार्टियों ने भी हस्तक्षेप करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिवंगत युवती के पीड़ित स्वजनों से बातचीत की। दूसरी अोर शुक्रवार देर रात ही एडवोकेट सीमा कुशवाहा उस स्थल पर पहुंची जहां वीभत्स घटना को अंजाम दिया गया था। 

यह है पूरा मामला: डेयरी कारोबारी प्रतीक का कल्याणपुर थानाक्षेत्र के गुलमोहर अपार्टमेंट के 10वीं मंजिल पर फ्लैट है। वह विगत मंगलवार को 19 वर्षीय सेक्रेटरी को लेकर घर आया था। शाम 6:45 पर युवती 10वीं मंजिल से नीचे गिरी, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। वह गीता नगर की रहने वाली है। इस मामले में युवती की बहन ने प्रतीक के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म और छेड़छाड़ की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर के मुताबिक दिवंगत युवती को प्रतीक ने अपी डेयरी में कालिंग व मार्केटिंग के काम पर रखा था। निर्धारित ड्यूटी टाइम से इतर 20 सितंबर को प्रतीक सेक्रेटरी काे अपने फ्लैट पर ले गया, जहां उसने अश्लील हरकतें शुरू कर दीं, युवती के विरोध पर उसने नौकरी से निकालने की धमकी दी। आरोप है कि दुष्कर्म के बाद बहन को प्रतीक ने बालकनी से फेंक दिया।

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पुलिस से एडवोकेट ने बिंदुवार तरीके से ली जानकारी: निर्भया का केस लडऩे वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा शुक्रवार रात सहयोगियों के साथ कल्याणपुर थाने पहुंचकर इंस्पेक्टर वीर सिंह से कई बिंदुओं पर बात की। उन्होंने कहा कि आरोपित के माता-पिता ने पुलिस को गुमराह भी किया, फिर भी पुलिस ने उन्हें मुल्जिम क्यों नहीं बनाया। जब पुलिस से न्याय नहीं मिला, तभी पीडि़त परिवार को सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ा। अपनी आवाज उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है। फिर भी प्रशासन ने स्वजन के खिलाफ ही मुकदमा लिख दिया, लिहाजा उस मुकदमे को वापस लिया जाना चाहिए।

अपार्टमेंट पहुंचकर सीमा कुशवाहा ने की जांच:  एडवोकेट सीमा कुशवाहा शुक्रवार रात पुलिस के साथ बातचीत करने के बाद गुलमोहर अपार्टमेंट स्थित घटनास्थल पहुंचीं और वहां पड़ा खून देखकर रो पड़ीं। उन्होंने कहा कि आरोपित प्रतीक वैश्य ने वारदात के बाद अपने माता-पिता के फ्लैट में शरण ली थी। लिहाजा उन्हें भी साजिश रचने की धारा का मुल्जिम बनाया जाना चाहिए। 

प्रतीक को बताया समाज के लिए कलंक: वकील सीमा कुशवाहा ने कहा कि प्रतीक जैसे लोग समाज के लिए कलंक हैं। घिनौनी वारदात के बाद भी वह खुलकर पुलिस को चुनौती देते हैं। यह सिस्टम के मुंह पर तमाचा है। बोलीं, भले ही मैं निर्भया केस जीती, लेकिन अभी तक असली जीत नहीं हुई है। जब तक देश में इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी तो कमेटी की ओर से किए गए अ मेंडमेंट पोथी ही बने रहेंगे। जब तक समाज के साथ आरोपित के घरवाले भी विरोध नहीं करेंगे, तब तक ऐसे लोग पैदा होते रहेंगे। 

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