सऊदी से बिना वीजा भारत में घुसे भाई-बहन गिरफ्तार, शादी करने नेपाल के रास्ते आए थे फतेहपुर

खजुहा कस्बे के कटरा मुहल्ला निवासी जीशान सऊदी अरब में ड्राइवर की नौकरी करता है। वह सऊदी अरब के थाना कामिल जिला जेद्दा की रहने वाली नईफ मोहम्मद महाजारी की कार चलाता था। जीशान के मुताबिक उसकी मुलाकात नईफ मोहम्मद की बहन नौरा महजरी से हुई।

Shaswat GuptaThu, 29 Jul 2021 10:45 PM (IST)
फतेहपुर में पकड़ने के बाद पुलिस के साथ खड़े सभी आरोपित।

फतेहपुर, जेएनएन। फर्जी दस्तावेज से भारत में दाखिल हुए  सऊदी अरब निवासी भाई-बहन और उनके मददगार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। युवती अपने भाई को यहां खजुहा कस्बा निवासी एक ड्राइवर की बहन से निकाह कराने लाई थी। पांच अगस्त को होने वाले निकाह के लिए वह लोग नेपाल के रास्ते यहां देश में दाखिल हुए थे। उनके पास से पुलिस ने वीजा, पासपोर्ट, फर्जी आधार कार्ड की छायाप्रति बरामद की है। जेल भेजे गए भाई-बहन गत 24 जुलाई को बिंदकी कोतवाली के खजुहा गांव जीशान के घर आ गए थे और तबसे यहीं रह रहे थे।

यह है पूरा मामला: खजुहा कस्बे के कटरा मुहल्ला निवासी जीशान सऊदी अरब में ड्राइवर की नौकरी करता है। वह सऊदी अरब के थाना कामिल जिला जेद्दा की रहने वाली नईफ मोहम्मद महाजारी की कार चलाता था। जीशान के मुताबिक उसकी मुलाकात  नईफ मोहम्मद की बहन नौरा महजरी से हुई। आपसी बातचीत में जीशान ने नईफ के साथ बहन आलिया की शादी तय कर दी। पांच अगस्त को निकाह की तारीख तय हो गई। इस पर सऊदी अरब से भाई-बहन ने नेपाल आने का टूरिस्ट वीजा बनवा लिया। इसके बाद 19 जुलाई को नेपाल आ गए। जीशान दोनों को लेने के लिए नेपाल गया। वहां फर्जी आधारकार्ड दिखाकर सुनौली चेक पोस्ट से दोनों भाई-बहन को उसने 24 जुलाई को भारत में दाखिल कराया। इसके बाद वहां से सीधे खजुहा आ गए। यहां पुलिस को दो सऊदी नागरिकों के अवैध रूप से आने की जानकारी मिली तो पुलिस ने दोनों को जीशान के साथ गुुरुवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि जीशान की बहन का निकाह पांच अगस्त को नईफ से होना था। इसकी तैयारी भी चल रही थी। पुलिस ने सऊदी अरब से भारत आए भाई-बहन और जीशान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। उपनिरीक्षक विपिन यादव ने बताया कि तीनों आरोपितों को फर्जी दस्तावेज तैयार करने व विदेश अधिनियम 1946 के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है।

ट्रांसलेटर की सहायता से दर्ज किए बयान: नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करने वाले सऊदी नागरिक भाई-बहन के बयान दर्ज करने के लिए पुलिस को ट्रांसलेटर की मदद लेनी पड़ी। दोनों अरबी में बात कर रहे थे। इस पर खजुहा गांव के एक व्यक्ति को बुलाया गया, जो अरबी समझता था। बिंदकी कोतवाल रवींद्र श्रीवास्तव ने कहा कि दोनों सऊदी नागरिकों के साथ मदद करने वाले स्थानीय युवक पर भी जेल भेजा गया।

 इनका ये है कहना: एलआइयू व स्वाट टीम से जांच कराई गई। तीनों की किसी आपराधिक मामले में संलिप्तता नहीं पाई गई है। प्रथम दृष्टया आरोपित भाई-बहन निकाह के उद्देश्य से नेपाल के रास्ते चोरी-छिपे भारत में प्रवेश किए थे, ये उनका अपराध है। संदिग्धता की भी पड़ताल कर ली गई है। - राजेश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक 

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