साहित्यकार हरिलाल मिलन व ओमप्रकाश अमिय को साहित्य भूषण सम्मान

लखनऊ में उप्र हिदी संस्थान की ओर से वर्ष 2020 के लिए दिए गए पुरस्कार। - कला भूषण प्रवास

JagranPublish:Mon, 29 Nov 2021 01:54 AM (IST) Updated:Mon, 29 Nov 2021 01:54 AM (IST)
साहित्यकार हरिलाल मिलन व ओमप्रकाश अमिय को साहित्य भूषण सम्मान
साहित्यकार हरिलाल मिलन व ओमप्रकाश अमिय को साहित्य भूषण सम्मान

जागरण संवाददाता, कानपुर : उत्तर प्रदेश हिदी संस्थान की ओर से वर्ष 2020 में साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए शहर के दो साहित्यकारों हरिलाल मिलन और डा. ओमप्रकाश शुक्ल अमिय को साहित्य भूषण सम्मान (नकद पुरस्कार ढाई लाख रुपये) प्रदान किया गया है। साथ ही, सुशील कुमार सिंह, डा. पुष्पिता अवस्थी व सुंदरदास को सम्मान को भी सम्मानित किया गया। लखनऊ स्थित यशपाल सभागार में हुए इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित ने यह सम्मान दिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष ने की। उत्तर प्रदेश हिदी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डा. सदानंद प्रसाद गुप्त ने कार्यक्रम की जानकारी दी। साथ ही संचालन साहित्य भारती की संपादक अमिता दुबे ने किया। नौबस्ता निवासी साहित्यकार हरिलाल मिलन भूतपूर्व श्रम प्रवर्तन अधिकारी हैं। उन्होंने खंड काव्य परित्यक्ता, उपन्यास म्रिया, गजल संग्रह वक्त रो रहा है, ये आंसू, दोहा संग्रह दर्पण समय का, कविता संग्रह कागज कलम, कहानी संग्रह आखरी झूठ, नमन भारत भारती और गीतकृति अंधेरे भी उजाले भी समेत कुल नौ पुस्तकों की रचना की है। उन्होंने बताया कि पूर्व में उन्हें उत्तर प्रदेश हिदी संस्थान से कबीर नामित पुरस्कार, उत्तर प्रदेश कर्मचारी साहित्य संस्थान से सुब्रह्मण्यम भारती पुरस्कार, साहित्य मंडल से काव्य भूषण सम्मान व अन्य संस्थाओं से कई पुरस्कार मिल चुके हैं। उनके द्वारा रचित कृतियों पर शोध भी हो चुके हैं।

केशव नगर निवासी 80 वर्षीय डा. ओमप्रकाश शुक्ल अमिय ने लघु शस्त्र निर्माणी में अराजपत्रित अधिकारी के पद से सेवानिवृत होने के बाद लेखन कार्य शुरू किया था। उन्होंने मारीशस, इंडोनेशिया, नेपाल, सिगापुर, वियतनाम, थाईलैंड, कंबोडिया में भी रचनाएं प्रस्तुत कीं। बड़ा मजा आई, उधो छुपाए रहो, हमहु मारीशस पहुंचे, कैसे-कैसे रूप रंग आदि काव्य पुस्तकें हैं। हास्य कविता हमरो कनपुरिया कनटाप उनकी काफी चर्चित रही थी। उनके अलावा कानपुर के ही सुशील कुमार सिंह को कला भूषण सम्मान, डा. पुष्पिता अवस्थी को प्रवासी भारतीय हिदी भूषण सम्मान और सुंदरदास को सौहार्द सम्मान दिया गया।