रूस की कोविड वैक्सीन ट्रायल के लिए भारत में 12 सेंटर चयनित, जानें- क्यों रखा स्पूतनिक-वी नाम

कानपुर में मेडिकल कॉलेज में कोविड वैक्सीन का ट्रायल। प्रतीकात्मक फोटो
Publish Date:Thu, 29 Oct 2020 07:39 AM (IST) Author: Abhishek Agnihotri

कानपुर, जेएनएन। शहर में स्वदेशी कोरोना वैक्सीन के बाद अब रूस की वैक्सीन के ट्रायल की तैयारी शुरू हो गई है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज समेत देश के 12 सेंटरों को इसके ट्रायल की अनुमति मिली है। फेज थ्री के ट्रायल के लिए वालंटियर्स का पंजीयन भी शुरू कर दिया गया है। मेडिसिन विभागाध्यक्ष ने कॉलेज की एथिकल कमेटी से अनुमति भी मांगी है। नवंबर के पहले सप्ताह से ट्रायल शुरू होने की उम्मीद है।

भारत की फर्मा कंपनी से मिलाया हाथ

रूस ने अपने यहां तैयार स्पूतनिक-वी वैक्सीन के फेज थ्री के ट्रायल के लिए भारत में फार्मा कंपनी डॉक्टर रेड्डी लैब्स से हाथ मिलाया है। वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआइ) ने अनुमति दे दी है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) से भी सहमति मिल चुकी है। अब देश भर के 12 सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में एक साथ वैक्सीन का ट्रायल शुरू होगा। इसमें जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज समेत पांच सरकारी, जबकि छह निजी संस्थान हैं।

200 वालंटियर्स पर अध्ययन

कानपुर के सेंटर में फेज थ्री ट्रायल के तहत 200 वालंटियर्स को वैक्सीन लगाई जाएगी। उसी हिसाब से ही वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी। वालंटियर्स पर परीक्षण के बाद उन पर हुए असर पर अध्ययन किया जाएगा। उनके ब्लड सैंपल की रिपोर्ट आइसीएमआर को भेजी जाएगी।

निश्शुल्क पंजीयन के लिए करें संपर्क

कोरोना वैक्सीन का खुद पर ट्रायल कराने के इच्छुक व्यक्ति जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल के मेडिसिन विभाग में संपर्क कर सकते हैं। बतौर वालंटियर्स निश्शुल्क पंजीयन करा सकते हैं। इसके लिए रिसर्च असिस्टेंट अमन (मोबाइल नंबर 8090609630) और अयान (मोबाइल नंबर 8707574418) से संपर्क किया जा सकता है।

वैक्सीन के नामकरण की यह है वजह

रूस ने वैक्सीन का नाम स्पूतनिक-वी रखा है। रूसी भाषा में स्पूतनिक शब्द का अर्थ सैटेलाइट होता है। विश्व में पहला सैटेलाइट रूस ने ही बनाया था। इसलिए उसके नाम पर वैक्सीन का नामकरण किया है।

रूस की वैक्सीन (गैम कोविड वैक) के फेज थ्री ट्रायल के लिए मेडिकल कॉलेज को भी शामिल किया गया है। देश के 12 सेंटरों पर एक साथ ट्रायल शुरू होना है। एथिकल कमेटी में अनुमति के लिए आवेदन किया है। कमेटी से अप्रूवल के बाद नवंबर के पहले सप्ताह से ट्रायल शुरू करेंगे। - डॉ. सौरभ अग्रवाल, चीफ गाइड, वैक्सीन ट्रायल, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज।

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