संक्षेप में पढ़िए- कानपुर में हुई स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों से जुड़ी सभी खबरें

कानपुर में हुई गतिविधियों से जुड़ी खबरों की सांकेतिक तस्वीर।

कोरोना महामारी के दौर में कानपुर शहर में कहीं किसी मरीज की इलाज के अभाव में मौत हो रही है तो कोई ऑक्सीजन और समुचित उपचार के अभाव में दम तोड़ रहा है। हालांकि ऐसे में स्वास्थ्यकर्मी जी-जान से लोगों को बचाने मे जुटे हैं। जानिए - क्या हैं खबरें

Shaswat GuptaFri, 07 May 2021 06:10 AM (IST)

तीमारदारों को मरीज के स्वास्थ्य की जानकारी जरूर दें : डीएम 

डीएम आलोक तिवारी ने गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल और ग्रेस अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से कहा कि वे मरीजों की स्थिति के बारे में उनके तीमारदारों को प्रतिदिन अवगत कराएं। ओवर बिङ्क्षलग न हो यह सुनिश्चित करें। अगर ओवरबिङ्क्षलग की शिकायत आएगी तो कार्रवाई होगी। तीमारदारों से कहा कि अगर कोई समस्या हो तो स्टैटिक मजिस्ट्रेट से शिकायत करें।  ग्रेस हॉस्पिटल में एक तीमारदार ने मरीज की मेडिकल रिपोर्ट न देने की शिकायत की। डीएम ने सीएमओ डॉ. नेपाल ङ्क्षसह से कहा कि प्रबंधन को नोटिस दें। ग्रेस हॉस्पिटल के संस्थापक डॉ. विकास शुक्ला ने बताया कि एक मरीज के एक अटेंडेंट को मरीज की रिपोर्ट दी गई थी जिसने जिलाधिकारी से रिपोर्ट न मिलने की बात कही उसे पहले अटेंडेंट को रिपोर्ट देने की जानकारी नहीं थी। बाद में उसने माना कि उसके अटेंडेंट को रिपोर्ट मिल चुकी है। 

एसबीआइ कर्मी और वृद्ध महिला समेत 25 को दिए सिङ्क्षलडर 

जासं, कानपुर : पुलिस ने गुरुवार को शिवाला निवासी एसबीआइ की एक कर्मचारी लक्ष्मी अग्निहोत्री व चकेरी की एक वृद्ध महिला हेमलता शुक्ला समेत करीब 25 लोगों को ऑक्सीजन सिङ्क्षलडर उपलब्ध कराए। एसबीआइ कर्मचारी के दादा बीमार हैं तो महिला के पति। एसीपी त्रिपुरारी पांडेय ने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इधर, पुलिस लाइन से करीब 20 लोगों को सिङ्क्षलडर दिए गए। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस के सिङ्क्षलडर बैंक की जानकारी होने के बाद अब लोग सीधे पुलिस लाइन पहुंच रहे हैं। कई सिङ्क्षलडर भरवाने के लिए हमीरपुर भेजे गए हैं। शुक्रवार को भरे हुए सिङ्क्षलडर आने के बाद उन्हें भी वितरित किया जाएगा। 

दवाइयों की कालाबाजारी बंद हो 

सपा के नगर अध्यक्ष ने सीएमओ से साफ कहा कि शहर में तेजी से हो रही दवाइयों की कालाबाजारी को बंद किया जाए। जनता को इलाज समय पर मिले। नगर अध्यक्ष डॉ इमरान सीएमओ से रामादेवी कार्यालय में जाकर मुलाकात की। उन्होंने बताया कि कोरोना मरीजों की इलाज में हो रही असुविधा व लापरवाही के चलते कई लोगों की मौत हो चुकी है। अस्पतालों में कोरोना वायरस पॉजिटिव मरीजों को ऑक्सीजन, बेड, दवाइयां, कोरोना वायरस संबंधित इंजेक्शन उपलब्ध ना होने के कारण मरीज दम तोड़ रहे हैं। दवाइयों की कालाबाजारी हो रही है। सही इलाज नहीं मिल रहा और ऑक्सीजन की शहर में भारी किल्लत है।डाक्टरों व स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा मौतों का आंकड़ा भी छुपाया जा रहा है। मेडिकल सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए। साथ ही दवाइयों की कालाबाजारी करने वालों को जेल भेजा जाए। 

12 घंटे ड्यूटी कर रहे फार्मासिस्ट, सात मरीज किए भर्ती

पुलिस लाइन स्थित एल-वन केयर अस्पताल में फार्मासिस्ट व बाकी स्टाफ 12 घंटे से ज्यादा समय तक ड्यूटी कर रहा है। बुधवार को स्वास्थ्य टीम ने करीब सात मरीजों को ऑक्सीजन लेवल कम होने पर भर्ती किया। जिसमें से रिटायर्ड प्रधान लिपिक को एल-थ्री अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। साथ ही दो महिलाएं भी हालत में सुधार होने पर घर चली गईं। चार मरीज अभी भी भर्ती हैं, जिन्हें ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है। चीफ फार्मासिस्ट सुरेश कुमार ने बताया कि गुरुवार को फ्लू ओपीडी में भी करीब 24 मरीजों की जांच की गई। सभी को बुखार व खांसी जुकाम की समस्या थी। उन्हें आइसोलेशन किट वितरित की गई है। 

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