Jajmau Teela Kanpur: राज्यसभा सदस्य ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र, पुलिस खंगाल रही दस्तावेज

कानपुर के जाजमऊ में टीले में तब्दील हो चुका राजा ययाति का किला भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है। इसके बाद किले को नष्ट करके धीरे-धीरे कब्जे किए जा रहे हैं और यहां पर एक बस्ती बसा दी गई है।

Abhishek AgnihotriSun, 19 Sep 2021 07:56 AM (IST)
कानपुर जाजमऊ में टीले में तब्दील हुआ किला।

कानपुर, जेएनएन। राजा ययाति के किले पर अवैध कब्जे को लेकर आखिर कमिश्नरेट पुलिस भी सक्रिय हो गई है। वहीं राज्यसभा सदस्य ने भी मुख्यमंत्री को राजा ययाति किले पर अवैध कब्जे को लेकर पत्र लिखा है। यह किला पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित है और अनदेखी के चलते भूमाफिया के अवैध कब्जो में गुम होता जा रहा है। टीले में तब्दील किले के एक हिस्से में बस्ती बस गई है।

राजा ययाति का किला भारतीय पुरातत्व विभाग द्वारा वर्ष 1968 से संरक्षित है। बावजूद इसके किले को नष्ट करके धीरे-धीरे यहां पर एक बस्ती बसा दी गई। वर्ष 2017 में अधिवक्ता संदीप शुक्ला की शिकायत पर दर्ज मुकदमे के बाद यह मामला प्रकाश में आया। जिला प्रशासन, पुलिस, राजस्व विभाग और एएसआइ ने अलग-अलग जांच की और हर जांच का यही निष्कर्ष निकला कि भूमाफिया की लिस्ट में शामिल और पिंटू सेंगर हत्याकांड के मुख्य आरोपित पप्पू स्मार्ट व उसके स्वजन ने किले पर अवैध कब्जा कर लिया है। बाद में उसने किले की जमीन को दूसरे लोगों को बेच दिया। सालों से इस प्रकरण में अफसर मिट्टी डालने का काम करते आ रहे हैं।

राज्यसभा सदस्य सुखराम ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र

सपा के राज्यसभा सदस्य चौधरी सुखराम सिंह ने राजा ययाति के किले पर अवैध कब्जे को हटवाने की मांग करते हुए पत्र लिखा है। अपने पत्र के साथ उन्होंने दैनिक जागरण की खबरों को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि राजा ययाति का किला हजारों साल पुरानी संस्कृति को संजोए है। अवैध कब्जों की वजह से किले के पुरातात्विक अवशेषों को क्षति पहुंच रही है।

पुलिस कमिश्नर ने किया मंथन

दैनिक जागरण द्वारा एएसआइ संरक्षित सनातनी संस्कृति से जुड़े स्थल पर इतने बड़े पैमाने पर अवैध कब्जों की खबरें प्रकाशित की गईं तो कमिश्नरेट पुलिस भी सक्रिय हुई। पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने शुक्रवार को पूर्वी जोन के अफसरों के साथ लंबी चर्चा की। उन्होंने वर्ष 2017 को दर्ज हुई एफआइआर से जुड़े दस्तावेजों के साथ अन्य विभागों द्वारा कराई गई जांच रिपोर्ट तलब की है, ताकि इस मामले के विधिक पहलुओं को देखते हुए अवैध कब्जेदारी को समाप्त करने के लिए ठोस योजना तैयार की जा सके। पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने बताया कि उन्होंने इस मामले में शुक्रवार को पूर्वी जोन के अधिकारियों के साथ विशेष बैठक में चर्चा की। यह बैठक मुख्य रूप से पप्पू स्मार्ट को लेकर थी।

वर्तमान समय में पप्पू स्मार्ट का नाम पिंटू सेंगर हत्याकांड और राजा ययाति के किले पर अवैध कब्जे को लेकर चर्चा में है। दोनों ही प्रकरणों में पप्पू स्मार्ट के रोल की समीक्षा की गई। वर्ष 2017 में अधिवक्ता संदीप शुक्ला की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में लगी चार्जशीट और अन्य विभागों से जुड़ी जांचों को मांगा गया है। जल्द ही ठोस योजना बनाकर किले को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जाएगा।

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