कानपुर में गजब हाल है क्वारंटाइन सेंटरों का, दूसरी लहर में आज तक नहीं रोका गया कोई भी प्रवासी

कागज पर ही क्वारंटाइन सेंटर भी काम कर रहे हैं

बिधनू के वनपुरवा पिपौरी मेहरबान सिंह पुरवा गांव में बाहर से आने वालों के लिए बनाया गया क्वारंटाइन सेंटर कागज पर ही सक्रिय है। ब्लाक के अधिकारी इसे पंचायत भवन में बता रहे हैं तो प्रधान माध्यमिक स्कूल में। यह कहां है इससे ग्रामीण भी अंजान हैं।

Akash DwivediSat, 15 May 2021 07:25 PM (IST)

कानपुर, जेएनएन। गांवों में सैनिटाइजेशन कराने के लिए निगरानी समितियां बनाई गई हैं। इन समितियों को ही गांव-गांव संदिग्ध कोविड मरीजों की जांच करानी है और संक्रमण रोकने के वो सभी उपाय करने हैं जो जरूरी हैं। जो प्रवासी आएंगे उन्हेंं पंचायत भवन या प्राथमिक स्कूलों में क्वारंटाइन भी कराना है, लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। कागज पर ही क्वारंटाइन सेंटर भी काम कर रहे हैं।

बिधनू के वनपुरवा, पिपौरी, मेहरबान सिंह पुरवा गांव में बाहर से आने वालों के लिए बनाया गया क्वारंटाइन सेंटर कागज पर ही सक्रिय है। ब्लाक के अधिकारी इसे पंचायत भवन में बता रहे हैं तो प्रधान माध्यमिक स्कूल में। यह कहां है इससे ग्रामीण भी अंजान हैं। इन गांवों में दस हजार से ज्यादा की आबादी है। ऐसी ही स्थिति घाटमपुर और सरसौल, बिल्हौर में बने क्वारंटाइन सेंटर की है। वहां भी आज तक किसी को नहीं ठहराया गया। अब मुख्यमंत्री आ रहे हैं तो अफसर भी गांवों में क्वारंटाइन सेंटर देखने जा रहे हैं। शुक्रवार को ही मंडलायुक्त डॉ. राजशेखर ने परगही बांगर गांव स्थित सेंटर का निरीक्षण किया।

ग्राम निगरानी समिति से गांव में हुए सर्वे की जानकारी ली। उन्होंने वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए कहा। उन्हेंं बताया गया कि गांव में 38 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है तो 15 लोगों ने दोनों डोज लगवा ली हैं। गांव में जिनको मेडिकल किट दी गई थी उनसे मंडलायुक्त ने बात की। पता चला कि आइसोलेशन किट में दवाइयों के खाने का चार्ट नहीं है। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी क्वारंटाइन सेंटरों पर कर्मचारियों के नाम और मोबाइल नंबर लिखवाने के लिए कहा। सीएमओ डॉ. नेपाल ङ्क्षसह, सीडीओ डॉ. महेंद्र कुमार, डीपीआरओ कमल किशोर उपस्थित रहे।

कटिया से चल रहा पंचायत घर : पिपौरी पंचायत घर में बिजली का मीटर नहीं लगा था। यहां पर छत के बगल से निकले तार में कटिया डालकर बिजली का तार भवन के अंदर आया हुआ था। इसी से यहां बिजली जलती है।

ग्रामीणों की जुबानी

अंकित कुमार ने बताया कि गांव में क्वारंटाइन सेंटर कहां बनाया गया यह बता पाना मुश्किल है। कोई वनपुरवा के सरकारी स्कूल को तो कोई पंचायत भवन को बताता है। प्रकाश मिश्रा ने बताया कि गांव में बाहर से आने वाले लोगों की न तो जांच हो रही और न ही उन्हेंं क्वारंटाइन करने की कोई व्यवस्था है। कोई किसी की सुनता ही नहीं है। विनोद राजपूत ने बताया कि क्वारंटाइन सेंटर को लेकर हम सभी में असमंजस है। सभी लोग अलग-अलग सेंटर बताते हैं। गांव में किसी को अभी तक क्वारंटाइन नहीं किया गया। ऋषभ दिवाकर ने बताया कि गांव में बाहर से आने वालों को अगर क्वारंटीन नहीं किया गया तो दूसरों में संक्रमण फैलने का खतरा है। अधिकारियों को इसकी व्यवस्था करनी चाहिए।

इनका ये है कहना

बिधनू ब्लॉक में दो जगह क्वारंटाइन सेंटर बनाए गए हैं। पिपौरी गांव के प्राइमरी स्कूल में क्वारंटाइन सेंटर है। इसके अलावा हर ब्लॉक में पंचायत भवनों को क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है।

                                                                                                दीपक पाल, एसडीएम सदर 

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