Ftahers Day Special: पिता की प्रेरणा से छुआ सफलता का आसमान, कहकशां ने बयां किए संघर्ष के दिन

कानपुर के अनवरगंज में रहने वाली कहकशां अंजुम ने वर्ष 2018 में पीसीएस परीक्षा पास की थी और इस समय वह ट्रेनिंग पर हैं। उनका कहना है कि पिता की प्रेरणा से उन्होंने विपरीत परिस्थितियां होने के बाद भी कभी हार नहीं मानी।

Abhishek AgnihotriSun, 20 Jun 2021 01:48 PM (IST)
कहकशां ने विपरीत परिस्थितियों से नहीं मानी हार।

कानपुर, जेएनएन। जब परिस्थितियां विषम होती हैं तो कभी कभी मजबूत इच्छाशक्ति वाले भी हार मान लेते हैं। हालांकि यदि माता-पिता का सिर पर हाथ हो तो मुश्किल सफर भी आसान हो जाता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है अनवरगंज की कहकशां अंजुम ने। उन्होंने पिता की प्रेरणा से 2018 में पीसीएस परीक्षा पास की, जिस पर उनका उपजिलाधिकारी के पद पर चयन हुआ। कहकशां कहती हैं कि जब भी किसी काम की शुरुआत करिए तो यह सोचकर करें कि इस काम में सफलता हासिल करनी है। वह भी जीतोड़ मेहनत, पूरी ईमानदारी के साथ। फिर चाहे, कितनी भी चुनौतियां क्यों न हों।

पिता ने दिया भरपूर साथ : कहकशां बताती हैं कि वैसे तो घर में बहुत अधिक सुविधाएं और संसाधन नहीं थे। स्थितियां भी ऐसी नहीं थीं कि किसी तरह की मांग कर सकते। फिर भी मेरे हर कदम पर पिता बी रहमान ने पूरा साथ दिया। उन्होंने हर तरह से मुझे हिम्मत दी और ढांढस बंधाया। जब-जब मुझे लगा कि मैं अपनी तैयारी नहीं कर पा रही हूं, तो उन्होंने अपना काम छोड़ मेरा हौसला बढ़ाया। पिता का जो साथ है, उसे मैं हमेशा याद रखूंगी। मेरी सफलता में मेरे माता-पिता की भूमिका सबसे अहम है।

सुल्तानपुर में चल रही ट्रेनिंग : कहकशां ने बताया कि वर्ष 2018 में उनका चयन उपजिलाधिकारी के पद पर हुआ था। अभी वह सुल्तानपुर में ट्रेनिंग ले रही हैं। उन्होंने कहा कि हर छात्र या छात्रा को स्थितियों को दरकिनार कर अपना पूरा फोकस तैयारी पर रखना चाहिए।

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