बम बम भोले के जयकारे से गूंज उठे शिवालय, श्रद्धा का उमड़ा सैलाब, अलर्ट रही पुलिस

उपासना के साथ भक्तों में भोले शिव के दर्शन के लिए उत्साह व श्रद्धा देखने को मिली। भक्त वैसे तो वर्ष भर मंदिर आते हैं लेकिन सावन में आस्था का सैलाब ज्यादा होता है। श्रावण मास में संकल्प के साथ उपासना का महत्व अधिक माना गया है।

Akash DwivediMon, 26 Jul 2021 09:15 PM (IST)
जिलेभर में शिवालयों पर भक्तों की भीड़ भोले शिव के दर्शन को लेकर उमड़ी

कानपुर, जेएनएन। श्रावण माह के पहले सोमवार पर शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ा। शिव भक्तों का मंदिरों में दर्शन को लेकर देर रात से आना शुरू हो गया था। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस व प्रशासन का पहरा सख्त रहा। कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन कराने के लिए भक्तों को जागरूक किया गया। औरैया-जालौन रोड स्थित देवकली मंदिर, बिधूना-अछल्दा रोड किनारे बने शिव मंदिर के अलावा जिलेभर में शिवालयों पर भक्तों की भीड़ भोले शिव के दर्शन को लेकर उमड़ी।

हिंदू धर्म में सावन का बड़ा महत्व होता है। इस महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। सोमवार को शिव भक्त मंदिर और शिवालयों में शिव-पार्वती के नाम की माला जपते नजर आए। भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के साथ-साथ सावन में हमें प्रकृति के आनंद की प्रेरणा देता है। पूरे माह में शिव भक्त संकल्प के साथ उपासना और अनुष्ठान शुरू हो जाते हैं। शिव मंदिरों में पूजन-अर्चन को लेकर सारी तैयारियां एक दिन पूर्व कर ली गई थी। गौरैया तालाब शिव मंदिर, देवकली मंदिर, अजीतमल स्थित शिव की बगिया से लेकर शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में शिव भक्तों में उत्साह देखने को मिला। कोविड प्रोटोकॉल के तहत प्रशासन व पुलिस की ओर से भी सारी तैयारियां रही। करीब 38 हजार श्रद्धालुओं के मद्देनजर सारी व्यवस्था पुख्ता रही।

शिव भक्तों का सुबह से ही तांता : उपासना के साथ भक्तों में भोले शिव के दर्शन के लिए उत्साह व श्रद्धा देखने को मिली। भक्त वैसे तो वर्ष भर मंदिर आते हैं, लेकिन सावन में आस्था का सैलाब ज्यादा होता है। श्रावण मास में संकल्प के साथ उपासना का महत्व अधिक माना गया है। इसलिए इस माह में पडऩे वाले सभी सोमवार को भक्तों का जमावड़ा इन मंदिरों पर रहेगा। कोविड-19 के चलते ज्यादा भीड़भाड़ एकत्रित न हो, इसके लिए प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। देवकली मंदिर पर मेला लगाया गया है। पुलिस कर्मियों को शांतिपूर्ण ढंग से भक्तों को दर्शन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अजीतमल, अछल्दा, दिबियापुर, फफूंद, बिधूना, रुरुगंज, एरवाकटरा, बेला, सहार, सहायल, कंचौसी ब्लाक में शिव मंदिरों पर आस्था का सैलाब रहा। श्रावण मास रविवार से शुरू होकर रविवार को ही समाप्त हो रहा है। देवकली पर उमडऩे वाले सैलाब को देखते हुए एसडीएम सदर रमेश चंद्र यादव ने पूरी व्यवस्थाओं को पुख्ता रखा। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक अपर्णा गौतम द्वारा कोतवाली व थानों का फोर्स मंदिरों के प्रवेश द्वार से लेकर इर्दगिर्द लगाया गया था। महिला-पुरुषों की अलग-अलग लाइन मंदिरों में रही।

सावन पर एक नजर: सावन के पहले सोमवार बाद अब द्वितीय सोमवार दो अगस्त, तृतीय सोमवार नौ अगस्त व चौथा सोमवार 16 अगस्त। संकष्टी श्रीगणेश चतुर्थी व्रत 27 जुलाई मंगलवार को, नागपंचमी 28 जुलाई बुधवार, कामदा एकादशी व्रत चार अगस्त बुधवार को है। भोले शिव की प्रसन्नता के लिए किए जाने वाला प्रदोष व्रत पांच अगस्त गुरुवार व 20 अगस्त शुक्रवार को होगा। मान्यता है कि श्रावण मास का ऐसे तो हर दिन पवित्र माना गया है लेकिन सोमवार के दिन का विशेष महत्व है।  

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