मतदान केंद्रों पर पीएसी व पुलिस का पहरा, छत पर भी रहेंगे जवान

मतदान केंद्रों पर पीएसी व पुलिस का पहरा, छत पर भी रहेंगे जवान

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सकुशल संपन्न कराने के लिए अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में पीएसी भी लगाई गई है।

JagranThu, 15 Apr 2021 01:51 AM (IST)

जागरण संवाददाता, कानपुर : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव सकुशल संपन्न कराने के लिए जिले में पांच हजार पुलिसकर्मी, साढ़े तीन हजार होमगार्ड, पांच कंपनी पीएसी समेत करीब 10 हजार जवानों को तैनात किया गया है। अति संवेदनशील और अति संवेदनशील प्लस श्रेणी के मतदान केंद्रों पर पीएसी भी लगाई गई है। सभी केंद्रों की छत पर एक हथियारबंद जवान दिन भर मोर्चा संभालेगा और किसी ने भी हिसा करने की कोशिश की तो उसे गोली मारने में भी संकोच नहीं करेगा। ऐसा पहली बार है, जब पंचायत चुनाव में सुरक्षा की कमान पुलिस आयुक्त के हाथ में है।

पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने बताया, आठ ब्लॉक में सहायक पुलिस अधीक्षक और बाकी ब्लॉक में डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारियों को सुरक्षा प्रभारी के तौर पर तैनात किया गया है। इसके साथ ही हर मतदान केंद्र पर पांच पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। एक हथियारबंद जवान केंद्र की छत पर मोर्चा लेकर खड़ा होगा। करीब सवा सौ अति संवेदनशील केंद्रों पर पीएसी के जवान भी मुस्तैद रहेंगे। डेढ़ सौ सेक्टर बने हैं, उनमें एक मजिस्ट्रेट व एक पुलिस अधिकारी को तैनात किया गया है। जोनल मजिस्ट्रेट भी लगातार भ्रमणशील रहेंगे। आइजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि संबंधित थाना प्रभारियों और सर्किल अफसरों से कहा गया है कि वह गांवों में लगातार भ्रमण करते रहें ताकि कोई भी प्रत्याशी किसी मतदाता को रिझाने की कोशिश न कर सके। चुनाव में शराब व अन्य नशीले पदार्थो के साथ ही अगर खाना या अन्य कोई सामान बंटने की सूचना मिली तो कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं पूर्व के चुनावों में हुई घटनाओं से सबक लेते हुए करीब सौ गांवों में अस्थायी पिकेट भी लगाई गई है। ताकि कोई गरीब व असहाय वर्ग के लोगों पर दबाव न बना सके। सभी से निर्भीक होकर मतदान करने की अपील की जा रही है।

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826 केंद्रों में से कानपुर आउटर में हैं 779 केंद्र

अधिकारियों ने बताया कि कुल 826 मतदान केंद्र हैं, जिसमें से कानपुर आउटर में 779 केंद्र हैं। 47 केंद्र कानपुर नगर कमिश्नरेट क्षेत्र में हैं। चुनाव के लिए थानों की फोर्स के साथ ही 21 इंस्पेक्टर, 430 सब इंस्पेक्टर, 957 हेड कांस्टेबल, 2400 सिपाही व 3500 होमगार्ड लगे हैं। बाहरी जिलों से भी 1000 पुलिसकर्मी आए हैं। मतदान केंद्रों पर सादे कपड़ों में एलआइयू व थानों के पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। जो मतदान करने आने वालों के साथ प्रत्याशी व उनके एजेंटों पर नजर रखेंगे। करीब आधे मतदान केंद्रों पर वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी।

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एडीसीपी डॉ. अनिल संभालेंगे बिकरू की कमान

बिकरू कांड के बाद यह गांव ही नहीं, आसपास की कई ग्राम पंचायतें अति संवेदनशील प्लस श्रेणी में रखी गई हैं। पूर्व में इन सभी गांवों में कुख्यात विकास दुबे के इशारे पर ही वोट पड़ते थे। विकास के खात्मे के बाद भी इन गांवों की संवेदनशीलता कम नहीं हुई है। लिहाजा यहां पंचायत चुनाव सकुशल संपन्न कराने के लिए एडीसीपी डॉ. अनिल कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने सुरक्षा का सुनियोजित प्लान बनाने के साथ ही खुफिया तंत्र को भी विकसित किया है।

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