अब नक्शा, रजिस्ट्री, नामांतरण व किस्तों के सत्यापन के लिए नहीं लगाने होगे केडीए के चक्कर

कानपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने जनता को सुविधा देने के लिए कमान संभाल ली है। आवंटी के किस्तों का लेखा जोखा एक आईडी में दिख जाएगा इससे विभाग को सत्यापन के लिए मशक्क्त नहीं करनी होगी ।

Abhishek AgnihotriSat, 16 Oct 2021 09:58 AM (IST)
केडीए में अब आवंटियों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था।

कानपुर, जेएनएन। भूमाफिया और अवैध टाउनशिप बसाने वालों पर शिकंजा कसने के साथ ही केडीए अब आवंटियों को नक्शा, नामांतरण व रजिस्ट्री करने के लिए शिविर लगा रहा है। आवंटियों को अफसरों के चक्कर नहीं लगाने होगे। साथ ही किस्तों के सत्यापन के लिए खुद दस्तावेज संभालकर रखने और अफसरों के चौखट के चक्कर नहीं लगाने होगे। सारी किस्तों की जानकारी एक आईडी कंप्यूटर में डालते ही सारी जानकारी आ जाएगी। इसके लिए लेखा विभाग को भी सत्यापन के लिए मशक्कत नहीं करनी प़ड़ेगी।एक घंटे में ही सत्यापन हो जाएगा। इन सब कामों के लिए खुद केडीए उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने कमान संभाल रखी है। इसके बाद से आवंटियों को दौड़ाने वाले काकस में खलबली मची हुई है।

आवटियों को भूखंड व फ्लैट दिलाने के साथ ही सारी सुविधाएं भी आसानी से मिल सके इसकी व्यवस्था की जा रही है। आवास के लिए न्यू कानपुर सिटी और माती योजना लाने की तैयारी चल रही है। साथ ही नियोजित विकास कराने का खाका तैयार हो रहा है। इसके अलावा लटके पड़े नक्शों के निस्तारण के लिए केडीए ने दो बार नक्शा पास कराने का शिविर लगाया । इसमें पौन दो सौ नक्शा पास हुए। पीएम आवास योजा के फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए दो बार शिविर लगाया गया। इसके अलावा पहली बार केडीए में नामांतरण शिविर लगाया गया। साथ ही उपाध्यक्ष ने सभी अफसरों को आदेश दिए है कि नक्शा, नामांतरण, रजिस्ट्री से जुड़े मामलों में आवंटियों की समस्या का तुरन्त निस्तारण कराया जाए। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। न्यू कानपुर सिटी में अघिग्रहण के मामले में आठ अफसरों और फर्जी रजिस्ट्री के मामले में पांच अफसरों व कर्मचारियों पर अभ तक कार्रवाई कर चुके है।अवैध निर्माण में दो अफसरों से कार्यभार छीन चुके है।

आवंटियों के लिए सुविधा : एक ही आईडी पर बैंक में संपत्ति पर जमा किस्तों का दिख जाएगा लेखा जोखा

आवंटियों को केडीए के भूखंड या भवन की रजिस्ट्री कराने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। आवंटियों के लिए एक आईडी नंबर की व्यवस्था बैंक करेंगे। इस आईडी को देखने पर पता चल जाएगा कि कब आवंटी ने किस्त जमा की है और कब-कब जमा की है। यह सब दिख जाएगा।इसमें हेराफेरी भी नहीं हो पाएगी कि फर्जी रसीद लगा दी जाए।अब पूरा लेखा आनलाइन होगा। फर्जी रजिस्ट्री पर भी अंकुश लगेगा।

कारपोरेट कल्चर की तर्ज पर पाइलट प्रोजेक्ट : कारपोरेट कल्चर की तर्ज पर केडीए अपनी योजनाओं में भी सुविधाएं देगा। केडीए अपने योजानों को प्राइवेट बिल्डर की तरह सारी सुविधा देगा।नगर निगम और पुलिस से सहयोग भी लेगा।योजनओं के आसपास की सड़क और अन्य सुविधाओं के साथ ही पुलिस सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम कराया जाएगा। इसके अलावा आवासीय योजनाओं की समस्याओं को भी केडीए दूर करेगा। योजना में जगह होने पर सुरक्षा को लेकर पुलिस चौकी खोली जाएगी। ताकि जनता को सुरक्षा मिल सके। इसके अलावा सीवरेज व पेयजल की समस्याओं का निदान कराया जाएगा। इससे आवंटियों को और सुविधाएं मिलेगी।

जनता जान सकती है अपार्टमेंट व जमीन की हकीकत : जनता केडीए में जाकर जान सकती है कि अपार्टमेंट का नक्शा पास है और जमीन ग्राम समाज की तो नहीं है। इसके अलावा टाउनशिप बनी है उसका ले आउट पास है या नहीं।इसे जनता ठंगी नहीं जा सकेगी और अवैध अपार्टमेंट और टाउनशिप पर अंकुश लगेगा।

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