पार्को और ग्रीन बेल्ट में बने मंदिरों का संचालन करेगा नगर निगम

पार्को और ग्रीन बेल्ट में बने मंदिरों का संचालन करेगा नगर निगम
Publish Date:Sun, 25 Oct 2020 07:42 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, कानपुर : शहर के पार्को और ग्रीन बेल्ट में बने मंदिरों में आने वाले लाखों रुपये का चढ़ावा अब नगर निगम के खाते में जाएगा। इस धनराशि से मंदिर में तैनात पुजारी को मानदेय, व्यवस्था संचालन के साथ क्षेत्र का विकास कराया जाएगा। इसके लिए नगर निगम कार्यकारिणी की अगली बैठक में प्रस्ताव लाने की तैयारी हो रही है। नवंबर में नगर निगम सीमा में स्थित पार्को, ग्रीन बेल्ट और नालों पर बने धाíमक स्थलों का सर्वे कराया जाएगा। व्यवस्था लागू करने से पहले यह भी देखा जाएगा कि कहीं पार्को से अवैध निर्माण हटाने के हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना तो नहीं हो रही है।

शहर में 80 फीसद पार्को और ग्रीन बेल्ट पर लोगों ने कब्जा करके मंदिर बना लिए हैं। कई जगह सड़कों के फुटपाथ और नालों पर भी मंदिर बन चुके हैं। मंदिर बनाने वालों ने बकायदा पुजारी तैनात कर उनके रहने को कमरे भी बना लिए हैं। हर साल मंदिरों में लाखों रुपये का चढ़ावा आता है, लेकिन इसका कोई हिसाब नहीं रहता है। अवैध रूप से मंदिर बनाने वाले इस धनराशि का इस्तेमाल करते हैं। वे पुजारी को चार से पांच हजार रुपये प्रतिमाह देते हैं। इससे कई बार क्षेत्रों में कब्जों को लेकर झगड़े भी होते हैं। विजय नगर से डबल पुलिया होकर पनकी-कल्याणपुर रोड तक जाने वाली सड़क के ग्रीन बेल्ट, पनकी- कल्याणपुर मार्ग के फुटपाथ, सीसामऊ नाला समेत कई जगह मंदिर बनाए जा चुके हैं। इनमें अब नया निर्माण नहीं होने देने को लेकर भी नजर रखी जाएगी। नगर निगम अपनी सीमा के पार्को व ग्रीन बेल्ट पर बने मंदिरों का स्वामित्व लेगा, जिससे वहां आने वाले चढ़ावा का हिसाब रखा जा सके।

महापौर प्रमिला पाडेय ने बताया कि मंदिरों को नगर निगम के स्वामित्व में लेने का प्रस्ताव तैयार हो रहा है, जिसे कार्यकारिणी की बैठक में रखा जाएगा। मंदिरों में प्रतिमाह आने वाली चढ़ावे की धनराशि को नगर निगम के खजाने में जमा कराया जाएगा। जो पुजारी वर्तमान में हैं, वही संचालन करेंगे। इसके लिए कमेटी गठित होगी। हाईकोर्ट के आदेश के तहत विधिक राय लेकर काम होगा।

----

यहां खर्च होगी चढ़ावे की धनराशि

महापौर ने बताया कि जिस वार्ड में धाíमक स्थल होगा, वहा के चढ़ावे से क्षेत्र में जनता की जरूरतों के हिसाब से काम कराया जाएगा। वाटर एटीएम, सड़क, शौचालय और बरातशाला का निर्माण होगा।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.