शादी अनुदान घोटाले में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का वरिष्ठ लिपिक निलंबित, शासन को मिली लापरवाही

कानपुर में शादी अनुदान व पारिवारिक लाभ योजना में घोटाला सामने आने पर जांच में समाज कल्याण विभाग में भी 72 अपात्रों को गलत तरीके से अनुदान दिये जाने का पर्दाफाश हुआ था। इसमें अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी पहले ही निलंबित हो चुकी हैं।

Abhishek AgnihotriSun, 26 Sep 2021 08:56 AM (IST)
शासन ने लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की है।

कानपुर, जेएनएन। शादी अनुदान घोटाले में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के लिपिक को निलंबित कर दिया गया। विभाग ने 72 अपात्रों को गलत तरीके से अनुदान दे दिया था। हालांकि यह अनुदान एसडीएम द्वारा अपनी लागिन से स्वीकृत कर विभाग को भेजा गया था, लेकिन शासन ने माना है कि इसमें जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और उनके वरिष्ठ लिपिक की लापरवाही भी रही है।

जिले में शादी अनुदान व पारिवारिक लाभ योजना में घोटाला हुआ था। पारिवारिक लाभ योजना में 708, जबकि शादी अनुदान योजना में 785 अपात्र पाए गए थे। इसमें 72 लाभार्थी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के थे। घोटाले में समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पद पर तैनात रहीं वर्षा अग्रवाल को निलंबित किया जा चुका है। पिछड़ा वर्ग विभाग के दो उप निदेशकों व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की उप निदेशक प्रियंका अवस्थी के विरुद्ध भी निलंबन की संस्तुति डीएम ने की थी। अब शासन ने इन अधिकारियों के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई शुरू की है। समाज कल्याण विभाग के लिपिक गोविंद को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। अब प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण के रवींद्र नायक के आदेश पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के वरिष्ठ लिपिक नीरज मेहरोत्रा को भी निलंबित कर दिया गया है।

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