Vat savitri vrat 2021: हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत इसलिए है खास, यहां पर लीजिए पूरी जानकारी

Vat savitri vrat 2021 आचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि सूर्य पुत्र भगवान शनि न्याय के देवता है इस दिन शनि पूजन व्रत और शनि की वस्तुओं का दान किया जाता है। इसे बरगदायी अमावस्‍या या बड़ मावस भी कहते हैं।

Akash DwivediThu, 10 Jun 2021 11:45 AM (IST)
महिलाओं ने सूर्य ग्रहण से पहले विधि-विधान से पूजन किया

कानपुर, जेएनएन। Vat savitri vrat 2021: वट सावित्री व्रत ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि वट सावित्री पूजन विधि-विधान से मनाया गया। गुरुवार को हुए व्रत पूजन में विवाहित महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा कर अखंड सौभाग्य प्राप्ति के लिए व्रत का पारण किया। संक्रमण के देखते हुए ज्यादातर महिलाओं ने घरों पर ही विधि-विधान से वट वृक्ष की डाल का पूजन कर परिक्रमा की। सार्वजनिक पूजन में शामिल महिलाओं ने मास्क व शारीरिक दूरी का पालन करते हुए व्रत का पारण किया।

हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत बेहद खास माना जाता है। इस पुण्यकारी व्रत के लिए गुरुवार को भोर पहर से ही सुहागिन महिलाओं ने तैयारी शुरू कर दी। महिलाओं ने सूर्य ग्रहण से पहले विधि-विधान से पूजन किया।

रायपुरवा, रावतपुर, आचार्य नगर, कल्याणपुर, जरौली और बर्रा के प्रमुख रूप से होने वाले सार्वजनिक पूजन में सीमित महिलाओं ने शारीरिक दूरी का ख्याल रखते हुए परिक्रमा की। आचार्य नगर स्थित वट वृक्ष पर हुए सामूहिक पूजन में महिलाओं ने मास्क लगाकर पूजन अर्चन किया। घरों में हुए पूजन में वट वृक्ष की डाल को गमले में लगाकर सुहागिन महिलाओं के पूजन कर समस्त कष्टों से मुक्ति की प्रार्थना की। व्रत का पारण करने वाले महिलाओं ने वट सावित्री व्रत कथा को सुनकर व्रत पूरा किया। मान्यता है कि वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवताओं का वास होता है। इसलिए इस दिन सुहागिन महिलाओं अखंड सौभाग्य के लिए पूजन करती हैं। हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत बेहद खास माना जाता है। इस पुण्यकारी व्रत के लिए गुरुवार को भोर पहर से ही सुहागिन महिलाओं ने तैयारी शुरू कर दी। महिलाओं ने सूर्य ग्रहण से पहले विधि-विधान से पूजन किया।

बांदा में महिला ने लगाया बरगद का पौधा: बांदा के जसपुरा में महिला प्रधान सुनीता सिंह ने महिलाओं ने बरगद का पेड़ लगाया। उन्होंने बताया कि आज दिन हम सब इनकी वृटवृक्ष की पूजा करते हैं और इस पेड़ को लगाने से आक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। जो वातावरण के लिए लाभदायक है। इसी तरह से महोबा में भी महिलाओं ने बरगद का पौधा लगाया।

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