कानपुर में बिछेगा सड़क का जाल, मंधना में एलीवेटेड रोड बनाते तो ट्रांसगंगा सिटी को रिंग रोड से जोड़ने की तैयारी

मंधना से एलीवेटेड रोड बनाने के लिए स्मार्ट सिटी निदेशक नीरज श्रीवास्तव ने परिवहन मंत्रालय के अपर सचिव को प्रस्ताव सौंपा है। ट्रांसगंगा सिटी को भी रिंग रोड से जोड़ने के लिए मंडलायुक्त परीक्षण करके विस्तृत रिपोर्ट भेजेंगे।

Abhishek AgnihotriWed, 28 Jul 2021 11:28 AM (IST)
कानपुर में एलीवेटेड रोड बनाने की कवायद तेज हुई है।

कानपुर, जेएनएन। मंधना से गंगा बैराज होते हुए मोहनलालगंज जाने वाले मार्ग को रिंग रोड से मंधना के पास जोडऩे के लिए एलीवेटेड रोड बनाई जाएगी। यह एलीवेटेड रोड बैराज मार्ग को जीटी रोड से जोड़ेगी और फिर रिंग रोड इससे जुड़ जाएगा। इसी तरह ट्रांसगंगा सिटी को रिंग रोड से जोडऩे के लिए भी एक मार्ग बनाया जाएगा। स्मार्ट सिटी के स्वतंत्र निदेशक एवं उच्च स्तरीय समग्र विकास समिति के समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय राजमार्ग एवं सड़क परिवहन मंत्रालय के अपर सचिव अमित घोष से दिल्ली में मुलाकात की। अमित घोष ने रिंग रोड प्रोजेक्ट की समीक्षा की और कहा कि मंडलायुक्त एनएचएआइ के कानपुर व कन्नौज के परियोजना निदेशकों की टीम बनाकर प्रोजेक्ट का परीक्षण करा लें और विस्तृत प्रस्ताव बना भेजें ताकि कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा सके।

जीटी रोड को अलीगढ़ तक फोर लेन किया जा रहा है। मंधना में दो किमी लंबा फ्लाईओवर बनाया जा रहा है। जब फ्लाईओवर बन जाएगा तो शुक्लागंज- बैराज-मंधना मार्ग जीटी रोड से उसकी सर्विस लेन से ही जुड़ेगा। ऐसे में एलीवेटेड रोड पर चढऩे में दिक्कत होगी। साथ ही रामनगर के पास रिंग रोड पर भी चढऩे में लोगों को परेशानी आएगी। यही वजह है कि बैराज मार्ग को जीटी रोड के फ्लाईओवर से जोडऩे के लिए एलीवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव मंडलायुक्त डा. राजशेखर ने तैयार कराया और नीरज श्रीवास्तव को अमित घोष से मिलने के लिए भेजा। उन्हें बताया गया कि शहर की बड़ी आबादी कल्याणपुर के रास्ते मंधना की ओर जाने के बजाय बैराज के रास्ते जाती है। बैराज मार्ग लखनऊ से हाईवे से जुड़ा हुआ है। ऐसे में एलीवेटेड रोड बनाकर बैराज मार्ग को जोडऩे से काफी लाभ होगा।

साथ ही भविष्य में ट्रांसगंगा सिटी में भी बड़े पैमाने पर उद्योग लगेगा और यहां आवासीय भूखंडों का आवंटन भी हो रहा है। ऐसे में सिटी के लिए भी यह एलीवेटेड रोड फायदेमंद होगी। अलग से एक मार्ग बनाकर उन्नाव की तरफ सिटी को जोडऩे का प्रस्ताव भी उन्हें नीरज श्रीवास्तव ने दिया। अपर सचिव ने कहा कि एनएचआइ के कानपुर और कन्नौज के परियोजना निदेशक से कनेक्टिविटी प्रस्ताव स्थलीय परीक्षण कराकर तैयार कराएं और फिर मंडलायुक्त उसे भेजें। प्रस्ताव उचित है और यह जाम से निजात के लिए जरूरी भी है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए वित्त पोषण केंद्रीय सड़क निधि से कराए जाने की संभावना देखी जाएगी।

1.5 किमी लंबा एलीवेटेड मार्ग बनेगा

मंडलायुक्त डा. राजशेखर ने बताया कि गंगा बैराज से ङ्क्षरग रोड की दूरी 6.2 किमी होगी। बैराज सेतु से बंधा मार्ग तिराहे तक 3.2 किमी तक टू लेन सड़क बनी है। इसे भविष्य में फोरलेन किया जाना है। इसके आगे नौ सौ मीटर सड़क ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाई गई है। भविष्य में इसकी लंबाई फोरलेन तक की जानी है। उसके आगे लगभग 2.1 किमी का नया निर्माण कराना होगा इसमें जमीन का अधिग्रहण भी करना होगा। इसी प्रकार मंधना को बैराज से जोड़े जाने के लिए करीब 1.5 किमी एलीवटेड मार्ग बनाना होगा।

मंधना से मरहला चौराहे तक फोरलेन रोड पर खर्च होंगे 245 करोड़

मंधना से आजाद चौराहा होते हुए मोहनलालगंज जाने वाले मार्ग को स्टेट हाईवे घोषित किया जा चुका है। अब मंधना से मरहला चौराहे तक इस मार्ग को फोरलेन किया जाएगा। इसमें 245 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कानपुर पीडब्ल्यूडी ने मंधना से ट्रांसगंगा सिटी तक अपने हिस्से की 17 किमी लंबी सड़क के चौड़ीकरण के लिए 178 करोड़ का प्रोजेक्ट मुख्यालय पहले ही भेज दिया था। मंगलवार को पीडब्ल्यूडी की उन्नाव इकाई ने सिटी से मरहला चौराहा तक सात किमी लंबी सड़क के चौड़ीकरण के लिए 67 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार कर भेज दिया।

कानपुर-लखनऊ तक के यातायात को सुगम बनाने के लिए 63 किमी लंबे एक्सप्रेस वे का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की लखनऊ इकाई द्वारा किया जाना है। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी। इस एक्सप्रेस वे को मंधना-बैराज-आजाद मार्ग से जोडऩे का प्रस्ताव मंडलायुक्त डा. राजशेखर ने भेजा था। इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। ऐसे में अब कोशिश है कि बैराज मार्ग को भी फोरलेन कर दिया जाए। मरहला चौराहा से आजाद चौराहा तक यह मार्ग फोरलेन है। सिर्फ मरहला चौराहा से मंधना तक टू लेन है। ऐसे में एक्सप्रेस वे से जुडऩे के बाद अगर यह टू लेन ही रहा तो इसका विशेष लाभ शहर को नहीं मिलने वाला। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता एसपी ओझा ने बताया कि पीडब्ल्यूडी उन्नाव की ओर से मुख्य अभियंता को प्रोजेक्ट भेज दिया गया है।

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