Unnao Makhi Kand: तिहाड़ जेल में बंद दुष्कर्म पीड़िता के चाचा की वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई पेशी, मिली अगली तारीख

माखी कांड की दुष्कर्म पीड़िता के चाचा के विरुद्ध दर्ज अदालत के दस्तावेजों में सफेदा लगाकर धोखाधड़ी करने झूठी शिकायत दर्ज कराने फर्जी आरोप लगा कब्र खुदवाने पीड़िता की फर्जी टीसी बनवाने व अवैध वसूली करने के मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं।

Shaswat GuptaThu, 28 Oct 2021 08:20 PM (IST)
माखी कांड की खबर से संबंधित प्रतीकात्मक फाेटो।

उन्नाव, जागरण संवाददाता। Unnao Makhi Case माखी कांड की दुष्कर्म पीड़िता के चाचा को दिल्ली की तिहाड़ जेल से गुरुवार को पेशी पर नहीं लगाया गया। पांचों लंबित मामलों में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) तृतीय की न्यायालय ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उसे पेश किया गया। इसके बाद न्यायालय ने चाचा के खिलाफ चल रहे अन्य मामलों के साथ इस मामले की अगली तारीख 10 नवंबर तय की है।

माखी कांड की दुष्कर्म पीड़िता के चाचा के विरुद्ध दर्ज अदालत के दस्तावेजों में सफेदा लगाकर धोखाधड़ी करने, झूठी शिकायत दर्ज कराने, फर्जी आरोप लगा कब्र खुदवाने, पीड़िता की फर्जी टीसी बनवाने व अवैध वसूली करने के मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। गुरुवार को इन्हीं पांचों मामलों की पेशी एसीजेएम तृतीय राजीव मुकुल पांडेय के  न्यायालय में थी। जिसमें पेशी के लिए दिल्ली पुलिस को पीड़िता के चाचा को लेकर आना था। लेकिन बीती 26 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने पेशी पर पीड़िता के चाचा को लाने के दौरान ही एसीजेएम तृतीय के न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र देकर तारीख पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग पर कराने का अनुरोध किया था। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने तिहाड़ जेल से उन्नाव के बीच दूरी का आने-जाने में लगने वाले सफर कर तर्क रखा था। इसी के बाद गुरुवार को एसीजेएम तृतीय के न्यायालय में पेशी थी। दोपहर करीब तीन बजे एसीजेएम राजीव मुकुल पांडेय ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से पीड़िता के चाचा की पेशी की। इसके बाद उन्हें अगली तारीख 10 नवंबर 2021 को न्यायालय में पेश करने की तारीख तय की है। बताते चले कि पीड़िता के चाचा की अब 10 नवंबर को ही हत्या के प्रयास मामले में एडीजे छह के न्यायालय में भी जिरह बहस के लिए पेशी होनी है।अधिवक्ताओं के मुताबिक पिछली पेशी में पीड़िता के चाचा ने न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें उसने कहा था कि पूर्व विधायक सजायाफ्ता कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Senagr) के भय से कोई भी वकील उनका केस लड़ने के लिए तैयार नहीं हो रहा है। इससे वह खुद अपने मुकदमे की पैरवी करना चाहता है। इसकी अनुमति न्यायालय दे। इसपर न्यायाधीश ने कोई फैसला न लेते हुए 26 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया था। 

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