महोबा में छात्राओं से छेड़छाड़ मामले में शिक्षक को तीन वर्ष का कारावास, 2017 में दर्ज हुआ था मामला

कोतवाली कुलपहाड़ क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी ने पुलिस को दी सूचना में बताया था कि उसकी आठ व नौ वर्षीय नातिन कक्षा तीन व चार में पढ़ती है। विद्यालय का अध्यापक दीपेंद्र राजपूत पुत्र जगदीशचंद्र निवासी सिरमौर उनकी नातिनों के साथ अश्लील हरकतें करता है।

Shaswat GuptaWed, 22 Sep 2021 03:54 PM (IST)
कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा की खबर से संबंधित प्रतीकात्मक फोटो।

महोबा, जेएनएन। छात्राओं से अश्लीलता करते हुए छेड़छाड़ करने और उनकी फोटो खींचने के मामले में न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया। न्यायालय ने अभियुक्त शिक्षक को तीन वर्ष के सश्रम कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई है।

कोतवाली कुलपहाड़ क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी ने पुलिस को दी सूचना में बताया था कि उसकी  आठ व नौ वर्षीय नातिन कक्षा तीन व चार में पढ़ती है। विद्यालय का अध्यापक दीपेंद्र राजपूत पुत्र जगदीशचंद्र निवासी सिरमौर उनकी नातिनों के साथ अश्लील हरकतें करता है। 16 सितंबर  2017 को जब दोनों बालिकाएं विद्यालय से लौटकर घर आईं तो बताया कि शिक्षक दीपेंद्र उनके साथ अश्लील हरकतें करते हैं और मोबाइल पर फोटो लेते हैं। वह छेड़छाड़ करते हैं। तहरीर पर पुलिस ने 18 सितंबर 2017 को अभियुक्त दीपेंद्र राजपूत के विरुद्ध मामला दर्ज किया। न्यायालय ने इस मामले में 16 जनवरी 2018 को अभियुक्त दीपेंद्र के विरुद्ध छेड़छाड़ सहित विभिन्न धाराओं में आरोप विचरित किया गया। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश /विशेष न्यायाधीश, पाक्सो अधिनियम संतोष कुमार यादव ने अपना फैसला सुनाया। मामले की पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक पुष्पेंद्र कुमार मिश्रा व अमन कुमार सिंह ने बताया कि अभियुक्त दीपेंद्र राजपूत को तीन वर्ष के सश्रम कारावास व 10 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर  तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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