ऊपर से कोरोना का कहर और फिर रात में सड़कों पर अंधेरा, लाइट ठीक करने वाले कर्मचारी इस वजह से हुए गायब

काया भुगतान न मिलने के चलते कंपनी नई लाइटें लगना दूर बंद लाइटों को भी नहीं ठीक कर रही

नई कार्यकारिणी ने कर दिया है लेकिन सदन नहीं होने के कारण बजट नहीं पास हो पा रहा है। फिलहाल कोरोना को देखते हुए जल्द स्वीकृति नजर नहीं आ रही है। कंपनी लाइटें तक नहीं ठीक कर रही है। जीटी वीआइपी रोड और माल रोड की लाइटें बंद पड़ी है।

Akash DwivediThu, 06 May 2021 01:18 PM (IST)

कानपुर, जेएनएन। कोरोना की कहर की मार सब पर पड़ रही है। शहर की रोशनी पर भी पड़ी है। तमाम इलाके अंधेरे में है। एलईडी लाइट लगाने और रखरखाव कर रही ईईएसएल कंपनी ने दीपावली के समय से हाथ खड़े कर दिए है। बकाया भुगतान न मिलने के चलते कंपनी नई लाइटें लगना दूर बंद लाइटों को भी नहीं ठीक कर रही है। शहर में दस हजार से ज्यादा लाइटें बंद पड़ी है।

दीपावली में हर वार्ड में 10-10 एलईडी लाइट लगाने को कहा गया था, लेकिन 110 वार्डों में एक नहीं लगी। इसको लेकर पिछले दिनों सदन में पार्षदों ने कंपनी के प्रतिनिधि को सदन पटल पर बुलाया था। कंपनी के प्रतिनिधि ने साफ कहा था कि बकाया भुगतान न मिलने के कारण काम नहीं शुरू हो पा रहा है। इसको लेकर सदन ने फैसला लिया था कि चालू वित्तीय वर्ष में इनके बकाया का भुगतान का प्राविधान किया जाए।

नई कार्यकारिणी ने कर दिया है, लेकिन सदन नहीं होने के कारण बजट नहीं पास हो पा रहा है। फिलहाल कोरोना को देखते हुए जल्द स्वीकृति नजर नहीं आ रही है। कंपनी लाइटें तक नहीं ठीक कर रही है। जीटी रोड, वीआइपी रोड और माल रोड की लाइटें बंद पड़ी है। ईद होने वाले है, लेकिन अभी तक मुस्लिम क्षेत्रों में लाइटें नहीं लगना शुरू हो पायी है। इसको लेकर लोगों में आक्रोश है। महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि इस बाबत वह अफसरों और कंपनी के प्रतिनिधियों से बात करेंगी। अंधेरे को शहर से दूर किया जाएगा।

 

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