कानपुर में मनरेगा से खेरेश्वर धाम तालाब का होगा सुंदरीकरण, जल्द मिलेगा शासन से बजट

खेरेश्वर धाम महादेव मंदिर का इतिहास महाभारत कालीन है। मान्यता है कि गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा ने तब यहां शिवलिंग की स्थापना की थी और वे नियमित यहां पूजन के लिए आते थे। पहले यह मंदिर गंगा तट के किनारे स्थित था और यहां घना जंगल हुआ करता था।

Akash DwivediSun, 13 Jun 2021 06:25 AM (IST)
ये सारे कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत किया जाएगा

कानपुर, जेएनएन। शिवराजपुर कस्बे से ढाई किलो मीटर दूर स्थित खेरेश्वर महादेव मंदिर के सामने स्थित तालाब का जीर्णोद्धार किया जाएगा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत यह कार्य होगा। इस तालाब में वर्ष के 12 माह पानी रहे इसके लिए पानी का इंतजाम किया जाएगा। इसके साथ फलदार पौधे लगाए जाएंगे और बैठने की व्यवस्था की जाएगी।

खेरेश्वर धाम महादेव मंदिर का इतिहास महाभारत कालीन है। मान्यता है कि गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा ने तब यहां शिवलिंग की स्थापना की थी और वे नियमित यहां पूजन के लिए आते थे। पहले यह मंदिर गंगा तट के किनारे स्थित था और यहां घना जंगल हुआ करता था। अब गंगा इससे दूर बहती हैं। बाद में यहां भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। इस मंदिर के सामने ही तालाब है। तालाब में श्वेत कमल के पुष्प बहुतायत संख्या में मिलते हैं। जब तक यहां पानी भरा रहता है तब तक हजारों कमल के पुष्प श्रद्धालुओं को लुभाते हैं। खेरेश्वर महादेव का भी इन्हीं कमल पुष्पों से श्रृंगार किया जाता है, लेकिन गर्मी के दिनों में यह तालाब सूख जाता है। इसके एक ओर बनाई गई सीढ़यिां भी टूट गई हैं और बारिश का पानी तालाब में जाए इसके लिए बनायी गई पुलिया और नाला भी ध्वस्त हो गया है। यही वजह है परियोजना निदेशक डीआरडीए एवं शिवराजपुर के बीडीओ केके पांडेय ने इस तालाब के सुंदरीकरण का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि यहां फलदार पौधे लगाए जाएंगे ताकि बड़े होने पर वे फल दें। इसके साथ ही सीढ़ी बनाई जाएगी। पानी इसमें रहे इसके लिए नाला भी खोदा जाएगा। ये सारे कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत किया जाएगा। 

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