केस्को ने मोबाइल टावर के लिए भी ताख पर रखे नियम, कई जगह बल्लियों के जरिए दिए कनेक्शन

ऐसे में कांट्रेक्टर ने जोड़ जुगाड़ किया और केस्को के अफसरों ने टावर को बिजली सप्लाई देने से लिए ढाई सौ मीटर दूर स्थित एबीसी लाइन से बिजली का तार खींचा। कनेक्शन पोल से टावर तक बिजली लाने के लिए करीब आठ से दस बल्लियां लगाई गई हैं।

Akash DwivediFri, 18 Jun 2021 10:35 AM (IST)
बिजली के कनेक्शन बांटे है, उससे कई सवाल खड़े हो गए हैं

कानपुर, जेएनएन। कोलोनाइजर ही नहीं बल्कि जहां जुगाड़ बना वहीं केस्को ने नियम कायदों को ताख पर रखकर कनेक्शन दे डाले। गुरुवार को दैनिक जागरण ने मैनावती मार्ग पर केस्को की कारगुजारियों की पड़ताल की तो सामने आया कि इस क्षेत्र में लाखों का वारा न्यारा करके केस्को ने एक मोबाइल टावर को बिजली कनेक्शन के लिए करीब ढाई सौ मीटर बल्लियों पर तार दौड़ा दिया। अकेले इसी कनेक्शन से केस्को को लाखों की चपत लगने का अनुमान है। इस क्षेत्र में जिस तरह से केस्को ने बिजली के कनेक्शन बांटे है, उससे कई सवाल खड़े हो गए हैं।

दैनिक जागरण की टीम ने गुरुवार को विकास नगर खंड के मैनावती मार्ग की पड़ताल की तो छोटे से क्षेत्र में ही केस्को के इंजीनियरों के भारी खेल सामने आए। इस्कान मंदिर के पास मुख्य मार्ग से करीब सौ मीटर अंदर एक मोबाइल टावर लगा हुआ है। नियमानुसार इस टावर को बिजली देने के लिए कांट्रेक्टर को ट्रांसफार्मर लगवाकर पोल पर सप्लाई लानी चाहिए थी। यह खर्च आठ से दस लाख का पड़ता।

ऐसे में कांट्रेक्टर ने जोड़ जुगाड़ किया और केस्को के अफसरों ने टावर को बिजली सप्लाई देने से लिए ढाई सौ मीटर दूर स्थित एबीसी लाइन से बिजली का तार खींचा। कनेक्शन पोल से टावर तक बिजली लाने के लिए करीब आठ से दस बल्लियां लगाई गई हैं। मैनावती मार्ग पर दोनों ओर हाईटेंशन लाइन गई है। इनके पोल पर एलटी के लिए एबीसी लाइन डाली गई है। केस्को के अफसरों के मुताबिक यह नियमानुसार है, मगर इसके लिए जरूरी है कि पहले हाईटेंशन लाइन के नीचे सेफ्टी सिस्टम तैयार करें, मगर यह सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह से जर्जर है। करीब आधा दर्जन स्थानों पर सड़क से ही बल्लियां लगाकर बिजली की सप्लाई दी गई है।

विकास नगर खंड के साल भर के विद्युत कार्य और बिजली कनेक्शन तलब : मानकों के विपरीत बिजली कनेक्शन देने के मामले में दो सदस्यीय जांच समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है। जांच अधिकारी और केस्को के मीडिया प्रभारी सीएसबी अंबेडकर ने बताया कि उन्होंने विकास नगर के अधिशासी अभियंता से साल भर के अंदर कराए गए विद्युत कार्यों और नए बिजली कनेक्शन का ब्योरा मांगा है। इससे पता चल सकेगा कि कहां पर भ्रष्टाचार किया गया है। वहीं दूसरी ओर इस मामले में जांच कर रही दो सदस्यीय जांच टीम ने विकास नगर खंड से हाल के सालों में कराए गए विद्युत कार्यों व कनेक्शन का लेखाजोखा मांगा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भ्रष्टाचार कहां तक हुआ है। उन्होंने बताया कि जांच टीम ने अब तक श्रीरामकृपा सोसायटी, आमृपाली विहार, गुप्ता सोसायटी का दौरा किया है। यहां पर कई कमियां पकड़ी हैं। इसीलिए विकास नगर खंड से दस्तावेज मांगे गए हैं, ताकि असलियत सामने आ सके। 

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