बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को दोबारा बसाने के लिए केडीए आया आगे, जानिए क्या है योजना

बांग्लादेश से विस्थापित हुए जो परिवार मेरठ के हस्तिनापुर में बसाए गए थे अब उनको रसूलाबाद के भैंसाया में बसाया जा रहा है। इसके लिए जमीन चिह्नित की जा चुकी है। नए वर्ष में ये परिवार यहां आ सकते हैं।

Shaswat GuptaPublish:Thu, 02 Dec 2021 10:18 PM (IST) Updated:Thu, 02 Dec 2021 10:18 PM (IST)
बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को दोबारा बसाने के लिए केडीए आया आगे, जानिए क्या है योजना
बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को दोबारा बसाने के लिए केडीए आया आगे, जानिए क्या है योजना

कानपुर देहात, जागरण संवाददाता। कभी पूर्वी पाकिस्तान रहे बांग्लादेश से उस समय विस्थापित हुए हिंदुओं में 63 परिवारों के लिए रसूलाबाद के भैंसाया में लंदनपुर ग्रांट माडल जैसी टाउनशिप बनाई जाएगी। इसके लिए कानपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अरविंद सिंह जिले के अधिकारियों की मदद करेंगे। 

पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से विस्थापित हुए जो परिवार मेरठ के हस्तिनापुर में बसाए गए थे, अब उनको रसूलाबाद के भैंसाया में बसाया जा रहा है। इसके लिए जमीन चिह्नित की जा चुकी है। नए वर्ष में ये परिवार यहां आ सकते हैं। उन्हें खेती के लिए दो एकड़ जमीन के साथ ही आवास के लिए रकम दी जाएगी। शासन ने फैसला लिया है कि परिवारों के लिए लखीमपुर खीरी जिले के लंदनपुर ग्रांट माडल के हिसाब से टाउनशिप बसेगी। बाबा गोकर्णनाथ गेटेड टाउनशिप अरङ्क्षवद ङ्क्षसह ने इसी माडल पर बसाई थी जिसकी सराहना मुख्यमंत्री तक ने की थी। इस टाउनशिप के यहां बनाए जाने से इन परिवार की जीवनशैली बेहतर होगी।

क्या है लंदनपुर ग्रांट माडल: अरविंद सिंह ने लखीमपुर खीरी में सीडीओ रहते लंदनपुर ग्रांट माडल का प्रयोग किया था जो बेहद सफल रहा। इस टाउनशिप में 26 भूमिहीन एवं गरीब परिवारों को एक साथ 30 सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया था। इसके लिए कोई अलग से बजट या खर्च नहीं हुआ था। टाउनशिप में हर घर बिजली, गैस कनेक्शन के साथ ही पक्की सड़क की व्यवस्था थी। समूह के जरिए स्वरोजगार भी महिलाओं को दिलाया था, गोशाला भी खोली गई थी।