Kanpur Triple Murder: भाई ने बताई चौंकाने वाली बात, बोला-एविल खाते ही खूंखार हो जाता था डाक्टर का व्यवहार

कानपुर के कल्याणपुर के डिविनिटी होम्स अपार्टमेंट में पत्नी बेटी और बेटे की हत्या के बाद गायब डॉक्टर को अवसादग्रस्त बताने वाले छोटे भाई डॉ. सुनील ने एक और नई जानकारी साझा की है हालांकि मनोरोग विशेषज्ञ उसका दावा नकार रहे हैं।

Abhishek AgnihotriMon, 06 Dec 2021 11:02 AM (IST)
कानपुर तिहरे हत्याकांड में एक और जानकारी सामने आई।

कानपुर, जागरण संवददाता। कल्याणपुर के डिविनिटी होम्स अपार्टमेंट में पत्नी, बेटी व बेटे की हत्या के बाद गायब डाक्टर सुशील को अवसादग्रस्त और मनोरोगी बताने वाले छोटे भाई ने एक और चौंकाने वाली जानकारी साझा की है। परिवार वालों की ओर से लगातार डॉ. सुशील के मनोरगी होने का दावा किया जा रहा है। छोटे भाई डा. सुनील की मानें तो उनका भाई रोजाना एविल खाता था और उसके खाते ही व्यवहार में खूंखारपन आ जाता था। हालांकि मनोचिकित्सक ऐसी किसी संभावना से इन्कार कर रहे हैं।

यह था मामला

डिविनिटी होम्स अपार्टमेंट निवासी और रामा मेडिकल कालेज में फोरेंसिक मेडिसन विभाग के विभागाध्यक्ष डाक्टर सुशील कुमार ने शुक्रवार की सुबह अपनी पत्नी चंद्रप्रभा बेटी खुशी और बेटे शिखर की घर पर हत्या कर दी थी। तीनों के शव अलग-अलग कमरों में पड़े मिले थे। इस घटना की जानकारी तब हुई जब शुक्रवार की शाम 5:32 पर डाक्टर सुशील ने आवास विकास-3 निवासी अपने भाई डाक्टर सुनील को मैसेज करके लिखा कि पुलिस को इनफॉर्म करो मैंने डिप्रेशन में...। चूंकी डाक्टर सुशील दो दिन पहले अपने भाई डाक्टर सुनील से अपने अवसाद ग्रस्त होने और पत्नी को मार डालने की इच्छा उत्पन्न होने की जानकारी दे चुके थे, इसलिए वह आनन-फानन डिविनिटी होम पहुंचे। यहां पर पुलिस की सहायता से जब दरवाजा खोला गया तो अंदर मां बेटे और बेटी तीनों की लाशें पड़ी मिलीं। डाक्टर के भाई डाक्टर सुनील के बयान और जो पत्र मिले हैं उसमें आरोपित डाक्टर के अवसाद ग्रस्त होने की जानकारी दी जा रही है।

एविल टेबलेट बहुत खाते थे भाई

हत्याकांड को अंजाम देने के बाद डाक्टर सुशील ने अपने भाई डाक्टर सुनील को वाट्सएप मैसेज भेजकर घटना के बारे में बताया था। आरोपित ने दो दिन पहले डाक्टर सुनील को ही बताया था कि मानसिक बीमार हैं और पत्नी का गला दबाने की उनकी इच्छा होती है। दैनिक जागरण से बातचीत के दौरान डाक्टर सुनील ने बताया कि उनके भाई एविल का प्रयोग खूब करते थे। दिन में कई-कई बार एविल खाते और दवा के खाते ही उनका व्यवहार खूंखार हो जाता था। इससे उनकी पत्नी चंद्रप्रभा भी परेशान थीं और एविल को छिपाकर रखती थीं।

वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ मनोचिकित्सक प्रोफेसर विपुल सिंह के मुताबिक एविल एंटी एलर्जिक दवा है। अगर बिना बीमारी या आवश्यकता इसे खाया जा रहा है तो यह नशे का काम करती है, क्योंकि इसके खाने के बाद शरीर सुस्त पड़ जाता है। डाक्टर सुशील इसका प्रयोग अगर रोजाना कर रहे थे तो निश्चित तौर पर नशे के रूप में कर रहे थे। दवा खाने के बाद उनके व्यवहार में परिवर्तन होना समझ से परे है।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.