Kanpur Triple Murder: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य, अवसाद के दावे कमजोर, साजिश का शक मजबूत

कानपुर के कल्याणपुर में पत्नी बेटे और बेटी की हत्या के बाद गायब डॉक्टर के अवसाद में होने के दावे को पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खारिज कर दिया है। बच्चों को जहर देकर बेसुध करनेे के बाद कत्ल की बात सामने आने पर साजिश का शक पुख्ता हो गया है।

Abhishek AgnihotriPublish:Sun, 05 Dec 2021 09:48 AM (IST) Updated:Sun, 05 Dec 2021 09:48 AM (IST)
Kanpur Triple Murder: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य, अवसाद के दावे कमजोर, साजिश का शक मजबूत
Kanpur Triple Murder: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य, अवसाद के दावे कमजोर, साजिश का शक मजबूत

कानपुर, जागरण संवाददाता। पत्नी, बेटे और बेटी की हत्या करने वाले डाक्टर के अवसादग्रस्त होने के दावों पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट के चौंकाने वाले तथ्यों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। कल्याणपुर के इंदिरा नगर स्थित डिविनिटी होम्स अपार्टमेंट की पांचवीं मंजिल पर हुई वारदात शुक्रवार को सामने आने के बाद योजनाबद्ध हत्या की आशंका पुख्ता हो गई है। शनिवार दोपहर शवों के पोस्टमार्टम के बाद आई रिपोर्ट ने काफी हद तक सवालों पर मुहर लगाते हुए योजनाबद्ध हत्या की ओर इशारा किया है।

पोस्टमार्टम में तीनों मृतकों के शरीर में खाने का अंश नहीं मिला, सिर्फ तरल पदार्थों की मौजूदगी पाई गई है। पोस्टमार्टम में डाक्टरों ने जहर दिए जाने की बात कही है। जहरीले पदार्थ की पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित किया गया है। अनुमान है कि तरल पदार्थ में जहर मिलाकर दिया गया और बेसुध होने के बाद हत्या की गई। सिर पर ताबड़तोड़ वार की वजह से पत्नी मृत्यु कोमा में जाने से हुई, जबकि गला दबाने पर दम घुटने से बच्चों ने दम तोड़ा। अब इन सवालों का जवाब पुलिस को तलाशना होगा कि हत्याएं किस वजह से की गईं।

पोस्टमार्टम के दौरान सभी के पेट में सिर्फ सौ-सौ मिलीलीटर तरल पदार्थ मिला है। इससे साफ है कि जहर देने के लिए तरल पदार्थ का ही प्रयोग किया गया। डाक्टर सुशील कुमार ने जहर के लिए किस पाउडर का इस्तेमाल किया, यह जानने के लिए तरल पदार्थ को सुरक्षित किया गया है। घर से बरामद पाउडर को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार आरोपित डाक्टर ने पत्नी चंद्रप्रभा के सिर पर ताबड़तोड़ कई वार हथौड़े से किए, जिससे उनके सिर की कई हड्डियां चकनाचूर हो गई। कोमा में जाने से उनकी मौत की पुष्टि हुई है जो दोनों बच्चों की मृत्यु गला दबाने की वजह से दम घुटने से हुई। तीनों का विसरा भी सुरक्षित किया गया है।

उठाए थे ये सवाल : 'तीनों मरने वालों के शरीर पर बचने के लिए प्रतिरोध करने का कोई निशान नहीं मिला है। ऐसे में पुलिस मान रही है कि पहले उन्हें खाने-पीने में ऐसा कुछ दिया गया, जिससे वह बेसुध या बेहोश हो गए। इसके बाद हत्या को अंजाम दिया गया। इतना सब योजनाबद्ध तरीके से ही किया जा सकता है, ऐसे में अवसाद के सवाल पर सवाल खड़ा हो रहा है।'

सुबह सवा सात बजे तक सामान्य थे हालात

डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि शुक्रवार सुबह सवा सात बजे तक डाक्टर का परिवार जीवित था। यह बात घर की नौकरानी से पूछताछ में पता चली है। उसने बताया है कि सवा सात बजे काम कर वह डाक्टर के घर निकली थी। डाक्टर की पत्नी चंद्रप्रभा ने उसे वेतन भी दिया था।