Kanpur Triple Murder: विदेश न भागे डाक्टर, एयरपोर्ट अथारिटी को किया गया अलर्ट, पुलिस तीन सवालों के बीच फंसी

डीसीपी पश्चिमी बीबीजीटीएस मूर्ति की ओर से गठित पांच टीमों ने सोमवार को डाक्टर सुशील की अलग-अलग संभावित स्थानों पर खोजबीन की। एक टीम कानपुर से फतेहपुर तक गंगा किनारे के थानों से संपर्क में रही। गंगा में सर्चिंग अभियान भी चला। लेकिन डाक्टर का पता नहीं चला।

Abhishek AgnihotriTue, 07 Dec 2021 07:51 AM (IST)
हत्या के बाद फरार डाक्टर का चौथे दिन भी पता नहीं चला।

कानपुर, जागरण संवाददाता। पत्नी, बेटी और बेटी की हत्या करने वाले डाक्टर का वारदात के चौथे दिन भी पता नहीं चला। शुक्रवार को घर में घटना के बाद छोड़े गए पत्र में खुद भी आत्महत्या करने की बात लिखने वाले हत्यारोपित की आखिरी लोकेशन गंगा किनारे मिलने के बाद से नदी में तीन दिन तलाश के बाद भी खाली हाथ रही पुलिस को अब डाक्टर सुशील के विदेश भागने के प्रयास का अंदेशा है। डीसीपी पश्चिमी ने एयरपोर्ट अथारिटी को इस संबंध में पत्र लिखकर अलर्ट किया है।

डीसीपी पश्चिमी बीबीजीटीएस मूर्ति की ओर से गठित पांच टीमों ने सोमवार को डाक्टर सुशील की अलग-अलग संभावित स्थानों पर खोजबीन की। एक टीम कानपुर से फतेहपुर तक गंगा किनारे के थानों से संपर्क में रही। गंगा में सर्चिंग अभियान भी चला। दूसरी टीम ने एडीसीपी वेस्ट बृजेश श्रीवास्तव के निर्देशन में रामा मेडिकल कालेज के प्रोफेसर डाक्टर प्रांजल पंकज से डाक्टर सुशील के बारे में जानकारी जुटाई। घर की तलाशी भी ली गई, लेकिन डाक्टर का पासपोर्ट नहीं मिला। यह भी पता नहीं चला है कि डाक्टर के पास कोई पासपोर्ट था या नहीं। फिर भी अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए एयरपोर्ट अथारिटी को पत्र के साथ आरोपित का नाम, उम्र, पता व फोटो भेजकर अलर्ट किया गया है ताकि उसे विदेश जाने से रोका जा सके।

नौकरानी-गार्डों से फिर पूछताछ, चंद्रप्रभा के खातों पर भी नजर: थाना प्रभारी कल्याणपुर अशोक कुमार के नेतृत्व में एक टीम डिविनिटी होम्स अपार्टमेंट में डाक्टर के घर पर काम करने वाली नौकरानी से पूछताछ की। गार्डों से भी डाक्टर के व्यवहार के विषय में जानकारी ली। एक टीम डाक्टर और पत्नी चंद्रप्रभा के बैंक अकाउंट पर भी नजर रखे है। दो अकाउंट नंबर मिले हैं, जिनसे घटना के बाद कोई लेनदेन प्रकाश में नहीं आया है।

पुराना है पेटीएम एप: शनिवार शाम चार बजे डाक्टर के पेटीएम एप डाउन लोड करने की चर्चाओं पर पुलिस का कहना है कि एप काफी पहले डाउन लोड किया गया था। शुक्रवार शाम छह बजे के बाद से डाक्टर का फोन बंद है।

पुलिस तलाश रही डाक्टर की लिखी बातों का जवाब

डाक्टर सुशील ने घर पर जो नोट्स छोड़े थे, उसमें तमाम बातें लिखी हैं। पुलिस उनकी भी पड़ताल कर रही है।

1. अपनी लापरवाहियों के चलते करियर के उस मुकाम पर फंस गया हूं, जहां से निकलना असंभव है। मेरा कोई भविष्य नहीं रहा।

पुलिस की जांच : किन लापरवाहियों की ओर इशारा है। करियर शब्द का प्रयोग किया है तो समस्या नौकरी से संबंधित है। किसी विभागीय जांच की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन प्रमोशन की समस्या सामने आई है।

2. मैं लाइलाज बीमारी से ग्रस्त हो गया हूं। आगे का भविष्य कुछ नजर नहीं आता है।

पुलिस की जांच : डाक्टर को बीमारी क्या थी, इसका अब तक पक्का प्रमाण नहीं मिला है। अब तक मनोरोगी होने जैसा कोई प्रमाण नहीं मिला है। घर पर न कोई पर्चा और न ऐसी कोई दवा मिली, जिससे मनोरोगी होने का पता चल सके।

3. आंखों की लाइलाज बीमारी की वजह से यह कदम उठाना पड़ रहा है। पढ़ाना मेरा पेशा है। जब आंखें ही नहीं रहेंगी तो क्या करूंगा।

पुलिस की जांच : आंखों की कोई बीमारी नहीं थी। वह चश्मा लगाता था। आंखों की रोशनी को लेकर कोई बड़ा संकट नहीं था।

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