कानपुर ट्रिपल मर्डर : पत्नी का भाई कर रहा डॉक्टर के जिंदा होने की प्रार्थना, लाक ठीक कराकर सील किया फ्लैट

कल्याणपुर के अपार्टमेंट में पत्नी बेटी व बेटे की हत्या के बाद गायब डाॅक्टर के फ्लैट का डोर लाक ठीक कराकर पुलिस ने सील कर दिया। वहीं पत्नी का भाई फरार आरोपित डॉक्टर के जिंदा होने की प्रार्थना कर रहे हैं ताकि पता चल सके उसने परिवार को क्यों मारा।

Abhishek AgnihotriWed, 08 Dec 2021 09:46 AM (IST)
कानपुर में तिहरे हत्याकांड में फरार डॉक्टर का सुराग नहीं।

कानपुर, जारगण संवाददाता। कल्याणपुर के डिविनिटी होम अपार्टमेंट में पत्नी, बेटी और बेटे की हत्या के बाद गायब डाक्टर सुशील कुमार के फ्लैट में पुलिस ने रिश्तेदारों की मौजूदगी में फ्लैट के एंट्री डोर के लाक को सही कराया और उसे सील कर दिया। घटना के दिन अंदर दाखिल होने के लिए पुलिस ने दरवाजा तुड़वाया था। वहीं पत्नी चंद्रप्रभा का भाई अब आरोपित डॉक्टर के जिंदा होने की प्रार्थना कर रहे हैं।

अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 501 में रहने वाला डाक्टर सुशील कुमार पत्नी, बेटे व बेटी की हत्या को अंजाम देने के बाद मुख्य गेट को लाक करके चला गया था। मैसेज के जरिए सूचना मिलने पर जब भाई डाक्टर सुनील मौके पर पहुंचे तो पुलिस की मौजूदगी में दरवाजे का लाक तोड़कर फ्लैट के अंदर दाखिल हुए थे। मंगलवार को पुलिस ने एक बार फिर अपार्टमेंट पहुंच कर सीसीटीवी फुटेज चेक किए। इसके बाद डाक्टर सुनील, साले प्रदीप और उसके चाचा को बुला फ्लैट के एंट्री डोर के टूटे लाक को सही कराया। बाद में दोबारा फ्लैट को सील किया गया। इस दौरान पुलिस ने वीडियोग्राफी भी कराई। कल्याणपुर इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने बताया कि फ्लैट के लाक को सही कराने के बाद फ्लैट को सील किया गया है।

ईश्वर करे जिंदा हो डाक्टर सुशील...

चंद्रप्रभा के भाई प्रदीप कुमार इतना सब होने के बाद भी ईश्वर से बहन के हत्यारे डाक्टर सुशील के जिंदा होने की प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मनोराग जैसा कुछ नहीं है। डाक्टर ने जो कुछ किया, सुनियोजित है। वह इसलिए उसके जिंदा होने की प्रार्थना कर रहे हैं ताकि जब आमना सामना हो तो पूछ सकें कि आखिर कौन से कारण थे, जिसकी वजह से उसने ऐसा किया।

डाक्टर के मनोरोगी होने का नहीं मिला साक्ष्य

पुलिस की एक टीम ने मंगलवार को रामा मेडिकल कालेज में मनोरोग विभाग के डाक्टरों से पूछताछ की। साथी डाक्टरों ने भी ऐसा कुछ नहीं बताया जिससे यह पता चल सके कि डाक्टर सुशील मनोरोगी था। एडीशनल डीसीपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि डाक्टर सुशील के मनोरोगी होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला। किसी भी डाक्टर ने उसे मनोरोग की दवा देने से इन्कार किया। हालांकि इस दिशा में जांच अभी और चलेगी।

रामा मेडिकल कालेज में अमित सकेरे बने विभागाध्यक्ष

मंधना के रामा मेडिकल कालेज में फोरेंसिक विभागाध्यक्ष के पद पर तैनात डाक्टर सुशील कुमार के स्थान पर संस्थान ने उनके जूनियर डाक्टर सकेरे को विभागाध्यक्ष बनाया है। रामा मेडिकल कालेज प्रशासन ने डाक्टर सुशील को निलंबित कर दिया था। मेडिकल कालेज के डीन डाक्टर बृजेन्द्र निगम ने नई तैनाती की पुष्टि की है।

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