Pintu Sengar Murder Case: जेल में साजिश रच रहे हत्यारोपी, प्रदेश की दूसरी जेल में शिफ्ट करने की संस्तुति

कानपुर में बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड।

कानपुर शहर में चकेरी में बसपा नेता पिंटू सेंगर हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपित जेल में बैठकर साजिश रच रहे हैं। इसपर चकेरी पुलिस ने रिपोर्ट तैयार करके आरोपितों को दूसरी जेल में भेजे जाने की मांग की है।

Abhishek AgnihotriMon, 12 Apr 2021 08:54 AM (IST)

कानपुर, [गौरव दीक्षित]। बसपा नेता पिंटू सेंगर के हत्यारोपी जेल में भी साजिश रचने से बाज नहीं आ रहे। वह हत्याकांड की पैरवी करने वालों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैैं। इसके चलते चकेरी पुलिस ने एक रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें हत्यारोपियों को कानपुर जेल से प्रदेश की दूसरी जेलों में स्थानांतरित किए जाने की संस्तुति की गई है।

पिंटू सेंगर की 20 जून 2020 को चकेरी थानाक्षेत्र में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्रेश सिंह के घर के बाहर गोलियां बरसाकर हत्याकर दी गई थी। वह एक जमीनी विवाद में पंचायत के लिए सपा नेता के घर जा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में पप्पू स्मार्ट, मनोज गुप्ता और रवींद्र पाल सहित 15 आरोपितों को गिरफ्तार जेल भेजा था। जिसमें जेल में बंद पप्पू के भाई तौसीफ की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। सभी आरोपित इस समय कानपुर जिला कारागार में हैं। पूर्व डीआइजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह के समय पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि जेल में ङ्क्षपटू सेंगर के हत्यारोपी कोई साजिश रच रहे हैं। बताया जा रहा है कि जेल प्रशासन और पुलिस ने आरोपितों के कुछ पत्र पकड़े थे, जिसमें हत्याकांड में पीडि़त पक्ष की पैरवी करने वालों को ठिकाने लगाए जाने का जिक्र था।

इन पत्रों के सामने आने के बाद पूर्व डीआइजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने थाना चकेरी से एक रिपोर्ट तैयार करने को कहा था, जिसके आधार पर हत्यारोपियों को दूसरी जेलों में स्थानांतरित किया जा सके। चकेरी पुलिस ने यह रिपोर्ट भी तैयार कर ली थी, मगर महानगर में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद अधिकारियों की अदाबादली में यह मामला फाइलों में कैद होकर रह गया। इंस्पेक्टर चकेरी दधिबल तिवारी ने पिंटू सेंगर हत्याकांड के आरोपितों को दूसरी जेलों में स्थानांतरित करने की रिपोर्ट तैयार करने की पुष्टि की है।

पुलिस आयुक्त अब ले सकते हैं फैसला

पुरानी व्यवस्था में डीआइजी की रिपोर्ट पर बंदियों के दूसरी जेल में स्थानांतरण का फैसला जिलाधिकारी लेते थे, मगर नई व्यवस्था में पुलिस आयुक्त को यह अधिकार है। थाना या जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर पुलिस आयुक्त शासन को आरोपितों के दूसरी जेल में स्थानांतरण की संस्तुति कर सकते हैं।

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