गणेशा ईकोटेक कंपनी से 2.45 करोड़ की ठगी में नाइजीरियन राबर्ट व उसके साथी से होगी पूछताछ

बैंक को फर्जी ईमेल भेजकर गणेशा ईकोटेक कंपनी के 2.45 करोड़ रुपये खाते से दूसरे खातों में ट्रांसफर लेने के मामले में पुलिस अब नाइजीरियन गिरोह के सदस्य राबर्ट को बरेली से बी वारंट पर लाकर पूछताछ करेगी। बरेली के मेहंदी हसन व उसके बेटे की तलाश कर रही है।

Abhishek AgnihotriWed, 22 Sep 2021 08:47 AM (IST)
ई-मेल हैक करके कंपनी को लगाया था चूना।

कानपुर, जेएनएन। बैंक को फर्जी ईमेल भेजकर स्वरूप नगर स्थित गणेशा इकोटेक कंपनी के खाते से 2.45 करोड़ रुपये ठगी के मामले में बरेली जेल में बंद नाइजीरियन गिरोह के सदस्य राबर्ट ओटुजेमे और खातेदार रुखसाद को पुलिस बी वारंट पर यहां लाएगी। उन्हें यहां कोर्ट में पेश किया जाएगा। मुकदमे में हरपाल के नाम से खाता खुलवाने वाले बरेली के फरीदपुर निवासी खातेदार मेहंदी हसन व उसके बेटे अरबाज खान को भी मुल्जिम बनाया है। दोनों के साथ ही बाकी खातेदारों की भी तलाश की जा रही है। इसके लिए बिहार, महाराष्ट्र व दिल्ली पुलिस से संपर्क किया गया है।

पिछले माह गणेशा ईकोटेक कंपनी के अधिकारी ने 2.45 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि कंपनी का फर्जी लेटरहेड बनाकर बैंक को ईमेल भेजकर साइबर ठगों ने 13 विभिन्न खातों में रकम जमा करा ली थी। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने दिल्ली निवासी शहनाज और मुंबई निवासी दो खातेदारों मो. अजमेरी व साजिद अली को जेल भेजा था। इससे पूर्व बरेली पुलिस ने दिल्ली निवासी नाइजीरियन राबर्ट को गिरफ्तार किया था। शहनाज और राबर्ट ही फर्जीवाड़े की रकम जमा कराने के लिए खातों का इंतजाम करते थे। राबर्ट ने बरेली निवासी मेहंदी हसन व अरबाज के बैंक खातों में 80 लाख रुपये जमा करवाए थे। यही रकम लेने वह बरेली पहुंचा था, लेकिन पकड़ा गया।

स्वरूप नगर एसीपी बृजनारायन सिंह ने बताया कि क्राइम ब्रांच टीम के साथ विवेचक को बरेली जेल में बंद राबर्ट से पूछताछ करने भेजा गया है। आरोपित ने बताया कि वह गिरोह की एक कड़ी है, जो ठगी की रकम हड़पने के लिए बैंक खातों का इंतजाम करता है। इन खातों में रकम जमा करने के बाद दूसरे खातों में ट्रांसफर करके निकाली जाती है। उसने दिल्ली निवासी अपने साथी कीजीटो व एक अन्य नाइजीरियन का नाम बताया। उधर, बरेली में एक अन्य खातेदार रुखसाद को भी गिरफ्तार किया गया है। उसके खाते में भी गणेशा ईकोटेक कंपनी की रकम जमा कराई गई थी। राबर्ट, रुखसाद और फरार चल रहे मेहंदी हसन व उसके बेटे अरबाज भी मुकदमे में मुल्जिम हैं। राबर्ट व रुखसाद को बी वारंट पर लाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा।

खाते से निकली रकम बैंक को वापस दिलाने की कोशिश

गिरोह ने गणेशा ईकोटेक कंपनी के खाते से जो रकम निकाली थी, उसमें से करीब 60 लाख रुपये अब भी आरोपितों के कुछ खातों में मौजूद हैं। उस रकम को बैंक को वापस दिलाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी 13 खातों व उनसे जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई, उन्हेंं फ्रीज कराया गया है। काफी धन अभी भी खातों में मौजूद है। कोर्ट की मदद से यह धन वापस दिलाया जाएगा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.