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Kanpur News Update : चौबेपुर के एसओ रहे विनय तिवारी और हलका प्रभारी केके शर्मा गिरफ्तार, अमर दुबे की पत्नी हिरासत में

कानपुर, जेएनएन। दहशतगर्द विकास दुबे से नजदीकियां चौबेपुर थाने के निलंबित थाना प्रभारी विनय तिवारी और हलका प्रभारी केके शर्मा को ले डूबीं। मुठभेड़ के समय पुलिस की जान जोखिम में डालने के आरोप में थाना प्रभारी विनय तिवारी और हिस्ट्रीशीटर के लिए मुखबिरी करने में हलका प्रभारी केके शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले मंगलवार को विकास से संबंधों के शक में चौबेपुर के पूरे थाने पर कार्रवाई की गई है। इसमें 68 पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई, जबकि चौबेपुर एसओ, दो दारोगा और एक सिपाही को संस्पेंड और दस पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया जा चुका है। अभी कई और पुलिसकर्मी रडार पर हैं। वहीं आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में आरोपित पांच लाख का इनामी मोस्टवांटेड विकास दुबे फीदाबाद में पुलिस के हाथ से फिसल गया, हालांकि एक साथी हत्थे चढ़ गया है। हालांकि हमीरपुर में एसटीएफ और पुलिस से हुई मुठभेड़ में विकास का साथी अमर दुबे मारा गया है। 

कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई को सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी। एक सप्ताह से चल रहे घटनाक्रम में लगातार यह बात उठाई जा रही थी कि दबिश की सूचना विभाग से ही लीक हुई है। वहीं दिवंगत सीओ देवेंद्र मिश्र की बेटी ने घर में रखे उनके दस्तावेजों में से एक पत्र निकालकर मीडिया को दिया, जिसमें सीओ ने तत्कालीन एसएसपी को भेजी गई रिपोर्ट में साफ-साफ कहा था कि एसओ विनय तिवारी अपराधी विकास दुबे की गोद में खेल रहा है। अगर कोई कार्रवाई जल्दी नहीं गई तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। आरोप है कि एसएसपी अनंत देव ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।

वहीं, जांच के दौरान पाया गया कि दबिश से पहले हलका प्रभारी केके शर्मा की विकास दुबे से बात हुई थी। केके शर्मा का दावा था कि 20 मिनट से भी ज्यादा देर चली बातचीत में विकास दुबे ने उसे गालियां व धमकियां दी थीं। इसके बावजूद दारोगा ने उच्चाधिकारियों को कुछ नहीं बताया। अधिकारी मान रहे हैं कि विकास को दबिश की सूचना दारोगा शर्मा ने दी थी। एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि जांच के बाद निलंबित थाना प्रभारी और हलका प्रभारी को मुठभेड़ के समय पुलिस की जान जोखिम में डालने, मौके से फरार होने, विकास दुबे से संबंध और दबिश की पूर्व सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायिक कार्रवाई शुरू की जाएगी। इनके खिलाफ विभागीय जांच भी होगी। एसएसपी ने कहा कि जांच में आगे भी जो पुलिसकर्मी दोषी मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

जहां का था थानेदार, वहीं हुआ गिरफ्तार : विनय तिवारी जिस चौबेपुर थाने की अगुवाई करता था, आज वहां अपराधी की तरह खड़ा था। उसके साथ ही हलका प्रभारी भी मुंह छिपा रहा था।

दो आरोपित और पकड़े गए : चौबेपुर पुलिस ने पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल श्यामू बाजपेयी और जहान यादव को भी गिरफ्तार किया है। तमंचा बरामदगी के दौरान श्यामू ने पुलिस पर हमला बोल दिया, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया।  

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-बिकरू कांड के समय चौबपुर थाने के एसओ रहे विनय तिवारी और बीट प्रभारी केके शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनपर सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में फरार मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे से संबंध, मुठभेड़ के समय पुलिस टीम की जान खतरे में डालने और मौके से भाग जाने के मामले में मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की गई है। आइजी मोहित अग्रवाल और एसएसपी दिनेश कुमार पी ने इसकी पुष्टि करते हुए मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी दी है। 

-घटना के बाद से ही संदेह के दायरे में रहे तत्कालीन एसओ विनय तिवारी से पुलिस और एसटीएफ की टीम ने गहन पूछताछ की थी। इस दरमियान उनके द्वारा पुलिस टीम को छोड़कर भागने और हिस्ट्रीशीटर अपराधी विकास दुबे के बाबत जानकारी उच्चाधिकािरयों को न दिए जाने की पुष्टि होने पर उन्हें संस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद उनसे पूछताछ और विकास दुबे से संबंधों को लेकर जांच चल रही थी। 

-हमीरपुर मौदहा में एसटीएफ की मुठभेड़ में मारे गए अमर दुबे की पत्नी शशि को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। अमर की शादी घटना के तीन दिन पहले 29 जून को हुई थी। विकास ने गांव में ही लड़की वालों को बुलाकर शादी कराई थी।

-कुआं खंगाला, नहीं मिले हथियार : लूटे गए हथियारों की तलाश में पुलिस ने बुधवार को विकास दुबे के घर के सामने स्थित दो कुओं का पानी निकाला। हालांकि उनके अंदर से कोई हथियार बरामद होने की सूचना नहीं है। देर शाम तक तलाशी अभियान जारी था। बिकरू गांव में विकास दुबे के घर के पास पुलिस ने बुधवार को दिन भर में दोनों कुएं का पानी बाहर निकलवा दिया। पानी बाहर निकलवाने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड के जवानों ने कुओं के अंदर खंगाला लेकिन कोई साक्ष्य या असलहा नहीं मिला। पूरे दिन की मशक्कत के बाद पुलिस को यहां भी मायूसी ही हाथ आई है।

-बिकरू गांव में मोस्टवांटेड विकास दुबे के घर के पास एक कुएं का पूरा पानी निकालकर सर्च ऑपरेशन पूरा हो गया है। पुलिस ने अब फायर ब्रगेड की मदद से दूसरे कुएं के पानी का खाली कराना शुरू कर दिया। घटना के बाद फरार होते समय विकास व उसके साथियों द्वारा कुएं में असलहे फेंके के संदेह पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा लेकिन पहले कुएं में पुलिस को कुछ नहीं मिला है।

-बिकरू कांड के बाद पांच लाख के इनामी विकास दुबे की साथियों की सूची व पोस्टर पुलिस ने जारी किया था, इस मोस्टवांटेड लिस्ट में शामिल रहे संजीव दुबे और जहान यादव को भी चौबेपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों को थाने में रखकर पूछताछ की जा रही है। 

-मुठभेड़ में आठ पुलिस जवानों के शहीद होने की घटना में फरार हिस्ट्रीशीटर अपराधी विकास दुबे के बारे में जानकारी न देने और मारपीट की बात छिपाए रखने आदि आरोपों में एसओ पद से निलंबित किए गए विनय तिवारी को बुधवार की दोपहर चौबेपुर थाने लाया गया है और पुलिस फोर्स की निगरानी में रखा गया है। सूत्रों के अनुसार उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उनकी गिरफ्तारी भी की जा सकती है। 

-मोस्टवांटेड विकास दुबे पर अब पांच लाख रुपये इनाम घोषित कर दिया गया है। घटना के बाद पहले पचास हजार का इनाम घोषित था, जिसे बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दिया गया था। इसके बाद डीजीपी ने उसपर ढाई लाख रुपये का इनाम की घोषणा कर दी थी। इसके बाद कानपुर पुलिस अफसरों ने इनाम की राशि बढ़ाकर पांच लाख रुपये करने की घोषणा का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसे स्वीकृति मिल गई है।

-मुठभेड़ में आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद इनामी मोस्टवांटेड विकास दुबे के बिकरू गांव में पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है। मोस्टवांटेड विकास दुबे के फरार होने से पहले घटना में प्रयुक्त असलहे कुएं में फेंके जाने के शक में बुधवार की सुबह से पुलिस ने सबमर्सिबल से पानी निकालने का काम शुरू कर दिया है। यह कुआं विकास दुबे के घर के पास ही है, मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात है।

-मोस्ट वांटेंड विकास दुबे की तलाश में यूपी पुलिस ने मध्यप्रदेश के शहडोल में छापा मारा था। शहडोल में रहने वाले साले राजू खुल्लर उर्फ राजू निगम के घर पर विकास के छिपे होने का शक था। पुलिस ने राजू के बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया है कि विकास दुबे के साले के घर पर पुलिस टीम भेजी गई थी, कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।

-चौबेपुर पुलिस से मुठभेड़ में गिरफ्तार श्यामू बाजपेई के पैर में गोली लगी है, उसे हैलट अस्पताल में पुलिस की निगरानी में भर्ती कराकर उपचार कराया जा रहा है।  आठ पुलिस कर्मियों की हत्या के मामले में उसे नामजद करने के साथ 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था।

-चौबेपुर थाना पुलिस ने मोस्टवांटेड विकास दुबे के साथी श्यामू बाजपेयी को गिरफ्तार कर लिया है। श्यामू का मकान विकास दुबे के पड़ोस में हैं। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, इससे पहले उसपर कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।

-आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में वांछित अमर दुबे पर पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। घटना के दो दिन बाद पुलिस ने अमर दुबे की मां क्षमा दुबे को गिरफ्तार करके हमलावरों को भगाने के आरोप में जेल भेजा था।

-अमर दुबे के खिलाफ चौबेपुर थाने में पांच मुकदमे दर्ज है, इसके अलावा अन्य थानों में भी मुकदमे दर्ज होने की बात कही जा रही है। मोस्टवांटेड विकास दुबे का शार्प शूटर अमर दुबे पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अतुल दुबे का भतीजा है। अमर दुबे के पिता संजू दुबे कि सड़क हादसे में मौत हो चुकी है।

-मोस्टवांटेड विकास दुबे की तलाश में जुटी एसटीएफ और पुलिस टीम ने हमीरपुर के मौदहा में बुधवार सुबह मोस्टवांटेड विकास के करीबी साथी अतुल दुबे की घेराबंदी कर ली। एसटीएफ से हुई मुठभेड़ में अतुल दुबे मारा गया है। 

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-फरीदाबाद के एक होटल में छिपा मोस्टवांटेड अपराधी विकास दुबे पुलिस के हाथ से फिसल गया। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा तो वह नहीं मिला। उसका एक साथी पुलिस के हाथ लग गया, जिसने एक घंटे पहले तक विकास के वहां होने की जानकारी दी।  

-मोस्टवांटेड विकास दुबे से संपर्क के शक में चौबेपुर थाने के 68 पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई है। मंगलवार की रात एसएसपी दिनेश कुमार पी ने चौबेपुर थाने के दारोगा सिपाहियों समेत 68 पुुलिस कर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया। इससे पहले थाना प्रभारी विनय तिवारी, दारोगा कृष्णकुमार शर्मा, कुंवरपाल और सिपाही राजीव को निलंबित किया जा चुका है। पुराने स्टाफ की जगह सोमवार को यहां 10 नए सिपाहियों को तैनात किया गया था। 

घटना के पांच दिन बाद पुलिस को लगा विकास का सुराग  

कानपुर में आठ पुलिसकॢमयों की हत्या का आरोपित फरीदाबाद पुलिस की गिरफ्त में आते-आते बच गया। क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि विकास दुबे यहां बडख़ल चौक स्थित एक होटल में छिपा है। इसी आधार पर फरीदाबाद की क्राइम ब्रांच टीमों ने होटल पर छापेमारी की। हथियारों से लैस पुलिस टीम ने होटल को चारों तरफ से घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने वहां फायरिंग की बात कही है, लेकिन पुलिस ने इससे इन्कार किया है। पुलिस टीम ने होटल के एक-एक कमरे की बारीकी से तलाशी ली, लेकिन विकास दुबे वहां नहीं मिला। जानकारी के अनुसार, कानपुर में पुलिसकर्मियों की हत्या को अंजाम देने के बाद विकास औरैया और ग्वालियर होते हुए बस से फरीदाबाद पहुंचा था।  

पुलिस के हत्थे लगा एक गुर्गा

विकास का एक खास गुर्गा पुलिस के हत्थे लग गया। सूत्रों का कहना है कि उस गुर्गे ने ही पुलिस को विकास दूबे की कुछ घंटे पहले होटल में मौजूद होने की पुष्टि की। बताया कि छापेमारी से काफी देर पहले विकास यहां से पैदल निकल गया था। यह जानकारी मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। होटल की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ली गई। इसमें एक शख्स डीलडौल विकास दुबे से मिलता जुलता है। पुलिस ने यह फोटो आस-पास जिलों व राज्यों की पुलिस को भेज दिए। 

गुरुग्राम के पुलिस आयुक्त का ऑडियो वायरल

इसी बीच गुरुग्राम पुलिस आयुक्त केके राव का संदेश भी वॉट्स-एप पर वायरल हुआ, जिसमें वे अपने जिले के पुलिसकॢमयों को सतर्क करते सुने जा सकते हैं। इस संदेश में वह फरीदाबाद के होटल में विकास दूबे की मौजूदगी की पुष्टि की। मामला बहुचॢचत और संवेदनशील होने के कारण फरीदाबाद के पुलिस अधिकारी अभी किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। 

औरैया और ग्वालियर होत हुए पहुंचा फरीदाबाद  

विकास औरैया से होते हुए ग्वालियर चला गया था। इसके बाद ग्वालियर में 2 से 3 दिन रुका और उसके बाद वहां से बस से फरीदाबाद आया था। यहां उसके साथियों ने पहले से ही अपने नाम से होटल बुक करा रखा। एसटीएफ और स्पेशल सेल को सूचना मिलने के बाद वहां रेड डाली गई।

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