कानपुर: कोरोना की तीसरी लहर की आशंका से पहले दवा व उपकरणों का बाजार सुस्त, बिक्री हुई आधी

कानपुर केमिस्ट वेलफेयर के महामंत्री शिव कुमार गुप्ता ने बताया कि बाजार के कमजोर होने का एक कारण दूसरी लहर के दौरान लोगों द्वारा अधिक मात्रा में एकत्र किया गया स्टाक था। जो अभी तक नहीं बिक पाया है।

Shaswat GuptaFri, 23 Jul 2021 02:05 PM (IST)
दवाओं के बाजार से संबंधित खबर की प्रतीकात्मक फोटो।

कानपुर, जेएनएन। डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) समेत विभिन्न स्वास्थ्य संगठन कोरोना की तीसरी लहर के आने का आशंका जता रहे हैं। इससे लोगों को सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा तैयारियों का दौर भी शुरू हो गया है। परंतु बाजार के हालात संक्रमण के गंभीर होने का संकेत दे रहे हैं। बाजारों में मास्क, सैनिटाइजर, दवाओं के साथ आक्सीमीटर, थर्मामीटर की बिक्री आधी रह गई है।

कानपुर केमिस्ट वेलफेयर के महामंत्री शिव कुमार गुप्ता ने बताया कि बाजार के कमजोर होने का एक कारण दूसरी लहर के दौरान लोगों द्वारा अधिक मात्रा में एकत्र किया गया स्टाक था। जो अभी तक नहीं बिक पाया है। मेडिकल स्टोर से लेकर घरों में लोगों ने सैनिटाइजर, थर्मामीटर, आक्सीमीटर अधिक मात्रा में रख लिए थे। जिसके कारण वर्तमान की स्थितियों में बिक्री दर आधी हो गई है। ऐसा ही हाल कोविड के उपचार में लाभदायक दवाओं में देखने को मिल रहा है। अधिक मात्रा में दवाओं और अन्य चीजों के स्टाक के कारण दूसरी लहर के दौरान लोगों को भटकना पड़ा था। उन्होंने बताया कि एक अनुमान के मुताबिक शहर के दवा बाजार से लगभग 12 से ज्यादा जिलों को सप्लाई होती है। दूसरी लहर के दौरान अप्रैल-मई में प्रतिदिन 80 लाख से एक करोड़ तक का व्यापार होता था। जो अब घटकर दस फीसद तक आ गया है। डा. प्रवीन कटियार के मुताबिक टीकाकरण के बाद लोग स्वयं को कोरोना से सुरक्षित मान रहे हैं। इसलिए वे नियमों का पालन सख्ती से नहीं कर रहे हैं। जो परिस्थितियों को गंभीर बना सकती है।

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