कानपुर में बिना बाउंड्री हो रहा रानी घाट पर बालू खनन, सचिव डॉ. रोशन जैकब को जो दिखा वो नहीं देख सके अफसर

कई बार पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाती

गंगा में बालू खनन के लिए जितना रकबा दिया जाता है उतने का सीमांकन करने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की है। विभाग के अफसर खुद की निगरानी में वहां पिलर लगवाते हैं और जियो टैगिंग कराते हैं। ऐसा होने से पट्टाधारक तय सीमा से आगे नहीं बढ़ पाता।

Publish Date:Fri, 15 Jan 2021 09:04 AM (IST) Author: Akash Dwivedi

कानपुर, जेएनएन। रानी घाट स्थित लोधवा खेड़ा गांव के पास गंगा में बालू खनन के नाम पर हुए खेल को स्थानीय स्तर पर खूब दबाने का प्रयास किया गया है। मौके पर सीमांकन कर पिलर लगवाने का दावा करने वाले राजस्व विभाग के अफसरों की पोल खुद खनन सचिव डॉ. रोशन जैकब ने ही खोल दी है। उन्होंने सुनौढ़ा बंदी माता घाट पर विस्तृत जांच के लिए तो कहा ही है रानी घाट पर बिना बाउंड्री के हो रहे खनन पर भी आपत्ति जताई है। अगर बाउंड्री बनाने के लिए पिलर का उपयोग होता तो वहां पर बकायदा प्रत्येक पिलर की जिओ टैङ्क्षगग भी की जाती, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

गंगा में बालू खनन के लिए जितना रकबा दिया जाता है उतने का सीमांकन करने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग की है। विभाग के अफसर खुद की निगरानी में वहां पिलर लगवाते हैं और जियो टैगिंग कराते हैं। ऐसा होने से पट्टाधारक तय सीमा से आगे नहीं बढ़ पाता। यदि बढ़ता भी है तो खनन विभाग आसानी से उसकी कारस्तानी पकड़ सकता है, लेकिन लोधवाखेड़ा में न तो पिलर लगा है और न ही जिओ टैगिंग की गई है। खास बात ये है कि पिछले माह जब 17 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना तत्कालीन एसडीएम ने लगाया था तब उन्होंने यह दावा किया था कि संीमांकन के साथ ही वहां पिलर लगा दिए गए हैं। चूंकि खनन निरीक्षक भी पट्टाधारक से मिला हुआ था इसलिए उसने भी पिलर लगवाने और जिओ टैगिंग कराने की जहमत नहीं उठाई। अब खनन सचिव ने खुद ही खेल पकड़ लिया है तो शासन की टीम यहां आएगी और फिर से सीमांकन करेगी, पिलर लगवाएगी और जिओ टैगिंग कराएगी। सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए जाएंगे। सीमांकन न होने से अब भी वहां निर्धारित क्षेत्र के  बाहर खनन हो रहा है और एक माह में जितना खनन निर्धारित है उससे ज्यादा बालू खोदी गई है।

खनन निरीक्षक को मिलेंगे सुरक्षाकर्मी

खनन निरीक्षक केवी सिंह को सुरक्षागार्ड उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए खनन सचिव डॉ. रोशन जैकब ने डीएम आलोक तिवारी को पत्र लिखकर कहा है कि चूंकि ओवरलोड वाहनों की जांच, अवैध खनन रोकने के लिए खनन निरीक्षक को जाना होता है। कई बार पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पाती है। इसलिए दो सुरक्षाकर्मी उन्हेंं उपलब्ध कराएं जाएं।

इनका ये कहना

नियम के तहत खनन हो यह सुनिश्चित किया जाएगा। वहां पिलर भी लगेंगे और उसकी जिओ टैगिंग भी कराई जाएगी। निर्धारित क्षेत्र के बाहर बालू खनन पर कार्रवाई की जाएगी।

                                                                                                          - डॉ. रोशन जैकब, खनन सचिव

 

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