UP के 20 जिलों में हर माह खपा रहे थे चार लाख बोतल नकली शराब, कानपुर पुलिस ने पकड़ी अवैध फैक्ट्री

कानपुर में क्राइम ब्रांच टीम ने पनकी में नकली शराब बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी है यहां पर बोतल व ढक्कन बनाने का लाइसेंस लेकर शराब की पैकिंग की जा रही थी। 1500 लीटर नकली शराब सहित चार अभियुक्तों गिरफ्तार किया गया है।

Abhishek AgnihotriThu, 29 Jul 2021 08:53 AM (IST)
कानपुर क्राइम ब्रांच टीम को बड़ी सफलता मिली।

कानपुर, जेएनएन। क्राइम ब्रांच ने मंगलवार रात पनकी की जिस नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था, वहां से हर महीने प्रदेश के 20 जनपदों में चार लाख बोतलें शराब ठेकों में खपा दी जाती थी। फैक्ट्री में देशी शराब की बोतलें बनाने की आड़ में अवैध और नकली शराब का धंधा चल रहा था। गिरोह के तार बरेली के अलावा हरियाणा और पंजाब से भी जुड़े हैं। छापेमारी में क्राइम ब्रांच ने बड़ी मात्रा में देसी शराब की खाली बोतलें, ढक्कन और क्यूआर कोड के साथ ही 1500 लीटर अवैध शराब भी बरामद की है। करीब ढाई साल से चल रहे इस धंधे में लिप्त चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।

डीसीपी अपराध सलमान ताज पाटिल ने बताया कि पनकी में एसके इंटरप्राइजेज नाम से देसी शराब की पैकिंग जिसमें बोतल, ढक्कन, क्यूआर कोड बनाने की फैक्ट्री है। इन बोतलों में सुपीरियर नाम की देसी शराब पैक की जाती है। इसकी सप्लाई का एग्रीमेंट जनपद बरेली में प्रतिदिन दो हजार बोतलों का है। यह फैक्ट्री ईडब्ल्यूएस बर्रा-2 निवासी अनुज वर्मा उर्फ श्रीकांत वर्मा की है।

डीसीपी के मुताबिक एसके इंटरप्राइजेज नाम की बोतल बनाने की कंपनी के माध्यम से प्रदेश के जिलों में पिछले ढाई वर्षों से अवैध देसी शराब की खाली बोतलें, अवैध शराब सहित अन्य उपकरण सप्लाई कर रहे थे। सप्लाई प्रतिदिन दो हजार बोतलों की थी, लेकिन अभियुक्तों द्वारा 16 हजार बोतल बनाई जाती थीं। अनाधिकृत रूप से बनने वाली महीने की चार लाख बोतलों में नकली शराब भरकर प्रदेश के बीस जनपदों में स्थित विभिन्न शराब ठेकों में सप्लाई होती थी। फैक्ट्री में एथाइल एल्कोहल, बोतल के ढक्कन, रैपर, क्यूआर कोड आदि काफी समय से सप्लाई किया जा रहा था।

200 लीटर स्प्रिट से बनाते थे 600 लीटर शराब

जांच में सामने आया है कि इनके द्वारा 200 लीटर इथाइल अल्कोहल यानी स्प्रिट 28 हजार रुपये में ली जाती थी जिसमें तीन गुना पानी मिलाकर उसे 600 लीटर बनाया जाता था। इस प्रकार प्रति एक लीटर शराब की लागत लगभग 50 रुपये आ रही थी। इससे पांच क्वार्टर बनाकर प्रति क्वार्टर 110 रुपये में बेचा जाता था। इस तरह से हर महीने करोड़ों के वारे न्यारे हो रहे थे।

यह हुए गिरफ्तार, इनके जिम्मे थे यह काम

एडीसीपी अपराध दीपक भूकर ने बताया कि पुलिस ने मौके से ईडब्ल्यूएस बर्रा-2 निवासी अनुज वर्मा उर्फ श्रीकांत वर्मा पुत्र श्रीकृष्ण प्रसाद वर्मा, मिश्री बाजार निवासी मो0 जाकिर उर्फ गुल्लू पुत्र मोहम्मद नवाब, नौबस्ता निवासी राजू गुप्ता पुत्र मोहनलाल गुप्ता और कन्नौज के छिबरामऊ निवासी मोहम्मद शान को गिरफ्तार किया है। मौके से गिरफ्तार हुए अभियुक्तों में काम बंटा हुआ था। फैक्ट्री मालिक अनुज अवैध शराब और शराब सामग्री का ठेका लिया करता था। राजू गुप्ता लोडर से सप्लाई करने का काम करता था। जाकिर दिल्ली से क्यूआर कोड लेकर आता था और शान खाली बोतलों में नकली शराब भरने का काम करता था।

इन जनपदों में थी सप्लाई : वैसे तो बीस जनपदों में नकली शराब की सप्लाई का मामला प्रकाश में आया है, लेकिन क्राइम ब्रांच के मुताबिक प्रमुख रूप से मैनपुरी, बलरामपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, बाराबंकी, आगरा, गोंडा, फतेहपुर, उन्नाव, मैनपुरी, अलीगढ और महोबा में शराब की बिक्री होती थी।

यह हुई बरामदगी : 1400 लीटर अवैध शराब, पचास हजार ढक्कन, पांच हजार क्यूआर कोड, लाखों की संख्या में बोतल, दो हजार शराब की भरी बोतलें, एक आल्टो कार, एक लोडर, एक बाइक, एक डिग्री नापने वाला मीटर, 225 बोतल क्वार्टर तैयार मस्तीह ब्रांड।

टीम को मिलेगा इनाम : क्राइम ब्रांच द्वारा किए गए राजफाश पर डीसीपी अपराध सलमान ताज पाटिल ने टीम को 10 हजार रुपये इनाम और प्रशस्तिपत्र देने की घोषणा की है। टीम में उप निरीक्षक विजय दर्शन शर्मा, उप निरीक्षक सुनीत शर्मा, मुख्य आरक्षी दुर्गेश मणि त्रिपाठी व शहबाज खान, आरक्षी बंधन, अरङ्क्षवद कुमार, नवीन कुमार, दिग्विजय, अजय कुमार गुप्ता शामिल हैं।

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