Kanpur Corruption Case: शादी अनुदान योजना के 119 लाभार्थियों के पते सही मिले, अधिकारियों ने सौंपी जांच रिपोर्ट

शादी अनुदान योजना का लाभ समाज कल्याण अल्पसंख्यक कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से दिया जाता है जबकि पारिवारिक लाभ योजना का लाभ सिर्फ समाज कल्याण विभाग ही देता है। शादी अनुदान में 702 और पारिवारिक लाभ योजना में 1106 लाभार्थियों के पते गलत मिले थे।

Shaswat GuptaWed, 04 Aug 2021 12:47 PM (IST)
शादी अनुदान मामले में घोटाले से संबंधित प्रतीकात्मक फोटो।

कानपुर, जेएनएन। शादी अनुदान और पारिवारिक लाभ योजना के गलत पते वाले लाभार्थियों की दोबारा जांच हो रही है। दोबारा जांच में भी उनके पते गलत मिल रहे हैं।  डीएम द्वारा नामित 45 अधिकारियों में से 22 ने अपनी रिपोर्ट दी है। इन अधिकारियों ने 990 लाभार्थियों की जांच की है जिनमें से सिर्फ 119 के पते सही मिले हैं जबकि शेष के पते गलत पाए गए हैं।

शादी अनुदान योजना का लाभ समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से दिया जाता है, जबकि पारिवारिक लाभ योजना का लाभ सिर्फ समाज कल्याण विभाग ही देता है। शादी अनुदान में 702 और पारिवारिक लाभ योजना में 1106 लाभार्थियों के पते गलत मिले थे। दोनों योजनाओं में 409 लाभार्थी अपात्र मिले थे। इसी आधार पर समाज कल्याण अधिकारी और 19 लेखपालों, एक लिपिक का निलंबन हुआ। किसी कानूनगो या तहसीलदार व नायब तहसीलदार पर कार्रवाई नहीं हुई, जबकि लेखपालों द्वारा लगाई गई सत्यापन आख्या में से कुछ फार्मों की जांच उन्हें भी करनी चाहिए थी। लेखपालों का तो दावा है कि जिन्हें योजना का लाभ दिया गया है उनमें से तमाम ऐसे हैं जिनकी रिपोर्ट उन्होंने लगाई ही नहीं है। अब गुरुवार तक शेष 23 अन्य अधिकारियों की रिपोर्ट भी आ जाएगी। इसके बाद पता चलेगा कि शादी अनुदान के 705 और पारिवारिक लाभ योजना के 1106 लाभार्थी जिनके पते पहले गलत मिले थे दोबारा जांच में उनमें से कितने के पते सही मिले। फिलहाल 22 अधिकारियों ने 440 शादी अनुदान और 550 पारिवारिक लाभ योजना के लाभार्थियों की जांच की। इनमें से पारिवारिक लाभ के 93 और शादी अनुदान के 26 के पते ही सही मिले हैं। 

इनका ये है कहना: 

लेखपालों ने जिन्हें अपात्र किया था उन्हें भी पात्र करके रिपोर्ट दी गई है। तमाम फार्मों पर फर्जी तरीके से लेखपालों के हस्ताक्षर बनाए गए हैं। लेखपालों को सत्यापन के लिए फार्म दिए जाएं ताकि वे देख तो सकें कि उनके हस्ताक्षर हैं भी या नहीं। - आलोक दुबे, अध्यक्ष लेखपाल संघ सदर तहसील 22 अधिकारियों की जांच रिपोर्ट आई है। शेष अधिकारियों की रिपोर्ट आने वाली है। जब सभी की रिपोर्ट आ जाएगी तो उसे जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा। फिलहाल जो रिपोर्ट आई है उसमें भी तमाम लोगों के पते गलत पाए गए हैं। - आरके चौधरी, परियोजना निदेशक डीआरडीएम 

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